Jaunpur News: किसान राम सहाय ने किया कमाल, गेंदा फूल की खेती से कमाए लाखों रुपए

Jaunpur News: जौनपुर के किसान राम सहाय ने पारंपरिक खेती छोड़ गेंदा फूल की खेती अपनाई। सरकारी योजना और आधुनिक तकनीक से 1.40 लाख का मुनाफा कमाया।

Nilesh Singh
Published on: 18 May 2026 2:01 PM IST
Farmer Ram Sahay earns lakhs of rupees from cultivation of genda flowers
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किसान राम सहाय ने किया कमाल, गेंदा फूल की खेती से कमाए लाखों रुपए (Photo- Newstrack)

Jaunpur News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के विकास खंड सुईथाकला के ग्राम गैरवाह निवासी किसान राम सहाय पुत्र सरजू प्रसाद ने अपनी मेहनत, नई सोच और आधुनिक खेती के दम पर सफलता की मिसाल पेश की है। कभी पारंपरिक गेहूं और धान की खेती करने वाले राम सहाय आज फूलों की खेती से बेहतर आमदनी अर्जित कर आत्मनिर्भर किसान बन चुके हैं।

संघर्षों के बीच लिया नया फैसला

दरअसल इंटरमीडिएट शिक्षित राम सहाय के पास कुल 1 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे पारंपरिक खेती करते थे, लेकिन बढ़ती लागत और कम मुनाफे के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो पा रही थी। सीमित भूमि और संसाधनों के बीच खेती केवल जीवन-यापन का साधन बनकर रह गई थी।

राम सहाय बताते हैं कि खेती के शुरुआती दौर में उन्हें सिंचाई की समस्या, आधुनिक तकनीकों की जानकारी का अभाव और बढ़ती लागत जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कम भूमि में अधिक लाभ देने वाली फसल की तलाश के बीच वर्ष 2025-26 में उन्होंने उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में एससीपी (राज्य सेक्टर) योजना के तहत 0.2 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा फूल की खेती शुरू की।

उद्यान विभाग द्वारा उन्हें आधुनिक फूल खेती, पौध प्रबंधन, सिंचाई तकनीक और बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। विभागीय सहयोग और नई सोच ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।

गेंदा फूल की खेती से बदली किस्मत

राम सहाय ने आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करते हुए समय पर सिंचाई, उन्नत किस्म के पौधों का चयन और संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाया। इसका परिणाम यह हुआ कि उनकी फसल बेहद अच्छी हुई और त्योहारों, धार्मिक आयोजनों तथा शादी-विवाह के मौसम में गेंदा फूल की भारी मांग के कारण उन्हें बाजार में अच्छा मूल्य मिला।

उनके मुताबिक, सिर्फ 0.2 हेक्टेयर भूमि पर की गई गेंदा फूल की खेती से उन्हें लगभग 2 लाख रुपये की कुल आय प्राप्त हुई, जबकि कुल लागत करीब 60 हजार रुपये आई। इस प्रकार उन्हें लगभग 1.40 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक है। वर्तमान में भी उनकी फसल से लगातार फूलों की तुड़ाई की जा रही है।

अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा

राम सहाय की सफलता ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि उन्हें क्षेत्र में एक नई पहचान भी दिलाई है। अब आसपास के किसान भी फूलों की खेती और उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। वे गांव के किसानों को आधुनिक खेती अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

राम सहाय का कहना है, “यदि किसान सही जानकारी, मेहनत और सरकारी योजनाओं का लाभ लें, तो कम भूमि में भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। आधुनिक तकनीकों और उद्यानिकी खेती को अपनाकर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं।”

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