Kanpur News: इलाज में लापरवाही से ITBP जवान की मां का हाथ कटा, दो अस्पतालों पर मुकदमे के आदेश

Kanpur News: कानपुर में मेडिकल जांच रिपोर्ट में दो निजी अस्पतालों की लापरवाही सामने आने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। इलाज में देरी के कारण ITBP जवान की मां का हाथ काटना पड़ा, अब दोनों अस्पतालों पर मुकदमा दर्ज होगा।

Avanish Kumar
Published on: 25 May 2026 5:52 PM IST (Updated on: 25 May 2026 5:54 PM IST)
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Kanpur News(Photo-Social Media)

Kanpur News: कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले में मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। सीएमओ द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में स्पष्ट हुआ कि समय पर सही इलाज नहीं मिलने और उपचार में देरी के कारण महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई, जिसके बाद डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि शुरुआती जांच रिपोर्ट स्पष्ट नहीं थी और उसमें किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई थी। इसके बाद मेडिकल टीम से दोबारा विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। संशोधित जांच रिपोर्ट में दोनों अस्पतालों की लापरवाही सामने आने पर अब उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता को समय पर उचित चिकित्सा नहीं मिल सकी। इलाज में लगातार देरी होती रही, जिससे संक्रमण बढ़ गया और महिला की स्थिति गंभीर होती चली गई। आखिरकार डॉक्टरों को महिला का हाथ काटना पड़ा। इस घटना ने शहर की स्वास्थ्य सेवाओं और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले के दौरान आईटीबीपी और पुलिस के बीच विवाद की चर्चाएं भी सामने आई थीं। इस पर पुलिस आयुक्त ने सफाई देते हुए कहा कि दोनों विभागों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जांच से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय बुलाया गया था।

हालांकि बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी अपने साथ बड़ी संख्या में जवान लेकर पहुंचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर तनावपूर्ण माहौल बन गया। बाद में पुलिस अधिकारियों ने अतिरिक्त बल वापस भेजने को कहा, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस कमिश्नरेट ने पूरे मामले की रिपोर्ट आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को भी भेज दी है। संबंधित अधिकारियों से विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। वहीं मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पीड़ित परिवार और आईटीबीपी जवान को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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