Kanpur News: व्हाट्सएप पर RBI लेटर भेज 95 लाख की ठगी, पति-पत्नी गिरफ्तार

Kanpur News: कानपुर में खुद को RBI अधिकारी बताकर लोगों से बंद बीमा पॉलिसी का पैसा दिलाने के नाम पर 95 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले पति-पत्नी गिरफ्तार हुए।

Avanish Kumar
Published on: 26 May 2026 6:07 PM IST
RBI letter sent on WhatsApp scam of Rs 95 lakh, husband and wife arrested
X

 व्हाट्सएप पर RBI लेटर भेज 95 लाख की ठगी, पति-पत्नी गिरफ्तार (Photo- Newstrack)

Kanpur News: कानपुर, साइबर ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया। एक फोन कॉल से शुरू हुआ खेल देखते ही देखते 95 लाख रुपये की ठगी में बदल गया। खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का अधिकारी बताने वाला युवक लोगों को बंद बीमा पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने का भरोसा देता था। उसकी मीठी बातों और फर्जी दस्तावेजों के जाल में फंसकर लोग अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी गंवा बैठते थे। इस पूरे खेल में उसकी पत्नी भी बराबर की साझेदार निकली।

साइबर सेल सेंट्रल जोन और नजीराबाद थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान सुल्तानपुर निवासी दीपक सिंह और जौनपुर निवासी आंचल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी RBI दस्तावेज, बैंक चेकबुक, एटीएम कार्ड और एक लग्जरी महिंद्रा XUV 3XO कार बरामद की है।

‘पॉलिसी का पैसा दिलाएंगे’, फिर शुरू होता था ठगी का खेल

पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले लोगों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद दीपक सिंह खुद को RBI का मैनेजर बताकर कॉल करता था। वह कहता कि आपकी पुरानी बीमा पॉलिसी बंद हो चुकी है, लेकिन उसका पैसा वापस मिल सकता है। भरोसा बढ़ाने के लिए वह रिजर्व बैंक के नाम से फर्जी लेटर, नोटिस और दस्तावेज व्हाट्सएप पर भेजता था।

जैसे ही सामने वाला व्यक्ति भरोसा कर लेता, उससे प्रोसेसिंग फीस, टैक्स, फाइल चार्ज और वेरिफिकेशन के नाम पर रकम ट्रांसफर कराई जाती। पीड़ित को लगता कि पैसा वापस मिलने वाला है, लेकिन हर बार नया बहाना बनाकर उससे और रकम ऐंठ ली जाती थी।

पत्नी के खाते में जाता था पूरा पैसा

जांच में सामने आया कि ठगी की रकम पहले दीपक सिंह के खाते में आती थी और फिर तुरंत उसकी पत्नी आंचल सिंह के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती थी। दोनों बाद में नकदी निकालकर आलीशान जिंदगी जी रहे थे। पुलिस को शक है कि गिरोह ने कई और लोगों को इसी तरह निशाना बनाया है।

एक शिकायत से खुल गया पूरा नेटवर्क

पीड़ित जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने जब साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, तब पुलिस हरकत में आई। बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगालने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जेके मंदिर क्षेत्र के पास दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।

पुलिस की अपील—‘RBI कभी फोन कर पैसे नहीं मांगता’

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि RBI, बैंक या सरकारी एजेंसियां कभी फोन कर पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहतीं। किसी भी अनजान कॉल, लिंक या दस्तावेज पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच जरूर करें। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी है।

Avanish Kumar
ABOUT THE AUTHOR

Avanish Kumar

Next Story