Kaushambi News: पश्चिम एशिया तनाव पर पीएम से कूटनीतिक पहल की मांग, सौंपा गया ज्ञापन

Kaushambi News: आगा मीर सय्यद अब्बास हुसैन खोरास्सानी ने पीएम को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में शांति के लिए सक्रिय कूटनीति और तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की मांग की।

Ansh mishra Mishra
Published on: 3 March 2026 5:16 PM IST
Demands diplomatic initiative from PM on West Asia tensions, memorandum handed over
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 पश्चिम एशिया तनाव पर पीएम से कूटनीतिक पहल की मांग, सौंपा गया ज्ञापन (Photo- Newstrack)

Kaushambi News: बड़ा इमामबाड़ा, 22 गांव दोआबा के सरपरस्त आगा मीर सय्यद अब्बास हुसैन खोरास्सानी ने पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हिंसा को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में भारत सरकार से क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए सक्रिय कूटनीतिक पहल करने की अपील की गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि मौजूदा हालात केवल क्षेत्रीय अस्थिरता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका असर वहां निवास कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा और आजीविका पर भी पड़ रहा है। ऐसे में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

तीन दिन के राजकीय शोक की मांग

ज्ञापन में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भारत में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित करने का अनुरोध किया गया है। इसे विश्व शिया समुदाय के लिए बड़ी क्षति बताते हुए कहा गया है कि भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए यह कदम सम्मानजनक होगा।

साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी के निधन पर भारत सरकार द्वारा राजकीय शोक घोषित किया गया था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाने की अपेक्षा जताई गई है।

भारत की कूटनीतिक भूमिका पर जोर

ज्ञापन में भारत की “वसुधैव कुटुम्बकम” की नीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि भारत संतुलित और सकारात्मक विदेश नीति के माध्यम से संवाद को बढ़ावा दे सकता है। सभी पक्षों को संयम और सार्थक वार्ता के लिए प्रेरित करना समय की आवश्यकता है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता

खाड़ी क्षेत्र और पश्चिम एशिया में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि आवश्यक हो तो सरकार सुरक्षित निकासी की तैयारी सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रवासी भारतीयों को नुकसान न पहुंचे।

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत की कूटनीतिक सक्रियता और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा आने वाले दिनों में प्रमुख मुद्दा रह सकते हैं।

ज्ञापन में विश्वास व्यक्त किया गया है कि भारत वैश्विक शांति, स्थिरता और हिंसा-मुक्त विश्व के निर्माण के लिए अपनी रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।

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