Siddha Medicine System: योगी सरकार का बड़ा कदम: सोवा रिग्पा पाठ्यक्रम शुरू, वाराणसी बनेगा केंद्र

Siddha Medicine System: योगी सरकार आयुष में सोवा रिग्पा और सिद्ध पद्धति का कोर्स शुरू करेगी, वाराणसी में बनेगा प्रमुख शोध और उपचार केंद्र।

Anjali Soni
Published on: 30 April 2026 3:35 PM IST
Siddha Medicine System
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Siddha Medicine System(Photo-Social Media)

Siddha Medicine System: योगी सरकार आयुष पद्धतियों को बढ़ावा देने और उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के आयुष कॉलेजों में 2500 वर्ष पुरानी पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली ‘सोवा रिग्पा’ (अमची चिकित्सा) और सिद्ध पद्धति की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस पहल से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई पहचान मिलने के साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी व्यापक होगा। सरकार का लक्ष्य है कि आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी के साथ-साथ सोवा रिग्पा पद्धति को भी मुख्यधारा में शामिल किया जाए। यह चिकित्सा पद्धति विशेष रूप से कैंसर, जोड़ों के दर्द, मानसिक रोग और दीर्घकालिक बीमारियों में पूरक उपचार के रूप में उपयोगी मानी जाती है।

कोर्स शुरू करने की तैयारी तेज

प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने बताया कि सोवा रिग्पा और सिद्ध पद्धति के डिग्री कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके लिए आवश्यक मानकों, पाठ्यक्रम और आधारभूत संरचना को विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है और जल्द ही चयनित आयुष कॉलेजों में इन कोर्सों की शुरुआत की जाएगी। इन कोर्सों के शुरू होने के बाद डिग्री प्राप्त करने वाले चिकित्सकों का पंजीकरण भी किया जाएगा, जिससे वे अधिकृत रूप से अपने उपचार केंद्र स्थापित कर सकेंगे। इससे प्रदेश में वैकल्पिक चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा और मरीजों को नए उपचार विकल्प मिलेंगे।

वाराणसी बनेगा प्रमुख केंद्र

सरकार ने वाराणसी को सोवा रिग्पा पद्धति का प्रमुख केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। यहां एक विशेष हब विकसित किया जाएगा, जो शोध, प्रशिक्षण और उपचार का केंद्र होगा। इस केंद्र में जटिल बीमारियों के इलाज पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वाराणसी को इस परियोजना के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि यह पहले से ही आयुर्वेद और आध्यात्मिक चिकित्सा का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

रोजगार और शोध को मिलेगा बढ़ावा

इस पहल से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्रशिक्षित चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे और अपने क्लीनिक भी खोल सकेंगे। साथ ही इन पद्धतियों पर शोध को बढ़ावा मिलेगा, जिससे इनके वैज्ञानिक आधार को और मजबूती मिलेगी।

सोवा रिग्पा और सिद्ध पद्धति की विशेषताएं

सोवा रिग्पा हिमालयी क्षेत्रों में प्रचलित एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिसकी उत्पत्ति तिब्बत में मानी जाती है। यह शरीर, मन और पर्यावरण के संतुलन पर आधारित है और इसमें जड़ी-बूटियों, खनिजों व प्राकृतिक तत्वों से उपचार किया जाता है। वहीं सिद्ध चिकित्सा प्रणाली दक्षिण भारत में प्रचलित है, जो वात, पित्त और कफ के संतुलन पर आधारित है। इसमें औषधियों के साथ-साथ आहार और जीवनशैली पर विशेष जोर दिया जाता है।

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उप संपादक | डिजिटल मीडिया पत्रकार

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