Lucknow News: 41 साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा! किसानों ने LDA कार्यालय घेरकर किया बड़ा प्रदर्शन

Lucknow News: लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी अराजनैतिक के बैनर तले किसानों ने एलडीए कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। किसानों ने गोमती नगर विस्तार योजना फेज-2 की जमीन का मुआवजा, विकसित भूखंड और मूलभूत सुविधाएं देने की मांग उठाई।

Ashutosh Tripathi
Published on: 1 Jun 2026 5:43 PM IST (Updated on: 1 Jun 2026 5:44 PM IST)
Lucknow News: 41 साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा! किसानों ने LDA कार्यालय घेरकर किया बड़ा प्रदर्शन
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Lucknow News: भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी अराजनैतिक के बैनर तले किसानों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण एलडीए कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि वर्ष 1984 में गोमती नगर विस्तार योजना फेज-2 के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का पूरा मुआवजा आज तक नहीं दिया गया है, जिसके कारण किसान लंबे समय से परेशान हैं।

संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक यादव के नेतृत्व में किसानों ने एलडीए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित किया। किसानों का कहना है कि कई बार धरना-प्रदर्शन और अधिकारियों से वार्ता के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अधिग्रहण के 41 वर्ष बाद भी किसानों को न तो उचित मुआवजा मिला और न ही किए गए वादों के अनुरूप विकसित भूखंड उपलब्ध कराए गए।


किसानों ने मांग की कि वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर मुआवजे का भुगतान किया जाए तथा किसानों को 4000 विकसित आवासीय भूखंड दिए जाएं। इसके अलावा चिनहट तिराहे पर कथित अवैध निर्माण हटाने, भरवारा क्षेत्र के किसानों को भूखंड आवंटित करने, गांवों में बारात घर निर्माण कराने और किसानों के मुआवजे से काटे गए 11.2 प्रतिशत इनकम टैक्स को वापस करने की भी मांग उठाई गई।



प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिन गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है, वहां आज भी पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। गुलाम हुसैन पुरवा और रिसहा गांव में पेयजल संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी एलडीए और शासन-प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और उन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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