गाजीपुर में निशा विश्वकर्मा मामले में तनाव के बाद प्रशासन सख्त, लागू हुई धारा 163

Nisha Vishwakarma Case: गाजीपुर के कटरियां गांव में निशा विश्वकर्मा की मौत के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए जिलाधिकारी ने धारा 163 लागू की है। 30 अप्रैल तक किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन, कैंडल मार्च और प्रतिनिधिमंडल के आने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

Aditya Kumar Verma
Published on: 26 April 2026 10:57 PM IST
गाजीपुर में निशा विश्वकर्मा मामले में तनाव के बाद प्रशासन सख्त, लागू हुई धारा 163
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Nisha Vishwakarma Case: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के कटरियां गांव थाना करंडा क्षेत्र में 15 अप्रैल को निशा विश्वकर्मा की मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर विपक्ष व अन्य कुछ लोग तूल देने का प्रयास कर रहे हैं, इससे जिले का माहौल अशांत होने की आशंका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजीपुर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जिले में धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत जिले में कोई भी राजनीतिक दल या समूह एकत्र नहीं होगा। यह आदेश 30 अप्रैल तक लागू रहेगा।

जिलाधिकारी ने दी चेतावनी

जिलाधिकारी के आदेश के मुताबिक कोई भी व्यक्ति गाजीपुर के सीमा क्षेत्रान्तर्गत उपरोक्त घटना को लेकर आंदोलन या प्रदर्शन करने के उद्देश्य से समूह नहीं बनायेगा और न ही एकल या सामूहिक रूप से प्रवेश करेगा। घटना को लेकर जुलूस निकालने, किसी प्रकार का प्रदर्शन, कैंडल मार्च निकालने व नारेबाजी करने पर रोक लगाई गई है। साथ ही घटना के दृष्टिगत सहानुभूति अर्पित करने के लिए कोई भी व्यक्ति या प्रतिनिधिमंडल कानून व्यवस्था के दृष्टिगत कटरियां गांव में नहीं जायेगा।

घटना को लेकर फैलाई गई अफवाह

गाजीपुर पुलिस के मुताबिक घटना के संबंध में कुछ शरारती तत्वों और कुछ राजनीतिक दलों के सदस्यों द्वारा भ्रामक और अपुष्ट अफवाहें फैलाई गईं। इन भ्रामक सूचनाओं के कारण आमजन में आकोश, भय असंतोष व्याप्त होने की संभावना को देखते हुए धारा 163 लागू की गई है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय होगा।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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