UP–Yamanashi: यामानाशी संग ग्रीन हाइड्रोजन गठजोड़ से यूपी को बढ़त

UP–Yamanashi: जापान के यामानाशी संग एमओयू से यूपी में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, प्रशिक्षण व शोध को बढ़ावा; IIT कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से उद्योगों को लाभ

Prashant Vinay Dixit
Published on: 27 Feb 2026 7:56 PM IST
CM Yogi Adityanath
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CM Yogi Adityanath (Photo_ Social Media)

Lucknow: ग्रीन एनर्जी में उत्तर प्रदेश को वैश्विक मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा मील का पत्थर साबित होगी। यामानाशी प्रांत के साथ हुए एमओयू में ग्रीन हाइड्रोजन को सहयोग का केंद्रीय आधार बनाया गया है। इसमें उत्पादन, अत्याधुनिक तकनीकी साझेदारी, अनुसंधान, कौशल प्रशिक्षण और औद्योगिक उपयोग के व्यापक आयाम शामिल हैं। ऊर्जा आत्मनिर्भरता, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और नेट जीरो लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में यह एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम है, जो उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का नेतृत्वकर्ता बना सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में अतिरिक्त ऊर्जा विकास के लिए 2,104 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

यामानाशी को ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक के मामले में अग्रणी क्षेत्र माना जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां स्थित ‘अत्याधुनिक हाइड्रोजन ऊर्जा सुविधा केंद्र’ का दौरा कर पावर टू गैस प्रणाली का विस्तृत अवलोकन किया। इस प्रणाली के अंतर्गत सौर और पवन ऊर्जा से उत्पादित बिजली को इलेक्ट्रोलिसिस के माध्यम से हाइड्रोजन में परिवर्तित किया जाता है। यह हाइड्रोजन ऊर्जा भंडारण, ईंधन और स्वच्छ परिवहन में उपयोग की जाती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आती है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में भी इस मॉडल को अपनाने की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा। ग्रीन हाइड्रोजन सहयोग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शैक्षणिक और तकनीकी प्रशिक्षण है। समझौते के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी यामानाशी के संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। वहां वे हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण, सुरक्षा मानकों और औद्योगिक उपयोग की उन्नत तकनीकों के बारे में जानेंगे। इन विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि लौटकर वे प्रदेश की इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा परियोजनाओं में इस तकनीक को लागू कर सकें।

आईआईटी कानपुर में ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है। यह केंद्र अनुसंधान, नवाचार और उद्योग साझेदारी का प्रमुख मंच बनेगा। यहां उत्पादन लागत कम करने, सुरक्षित भंडारण प्रणाली विकसित करने और ग्रीन मोबिलिटी समाधान पर शोध किया जाएगा। इसके माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य अकादमिक शोध को सीधे औद्योगिक उपयोग से जोड़ना है। उत्तर प्रदेश के प्राकृतिक संसाधन इस पहल के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं। ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए स्वच्छ जल और अक्षय ऊर्जा आवश्यक है। प्रदेश में प्रचुर जल संसाधन और तेजी से बढ़ती सौर ऊर्जा क्षमता को देखते हुए बड़े पैमाने पर हाइड्रोजन उत्पादन की संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को हाइड्रोजन उत्पादन से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य की ऊर्जा का आधार बनेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव नीति के अंतर्गत भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए अभी से तैयारी कर रहा है। जापान के साथ तकनीकी सहयोग से प्रदेश को वैश्विक मानकों वाली तकनीक और विशेषज्ञता प्राप्त होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षण, अनुसंधान और औद्योगिक उपयोग की यह त्रिस्तरीय रणनीति उत्तर प्रदेश को देश में ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बनाएगा। यामानाशी के साथ यह साझेदारी केवल एक समझौता नहीं, बल्कि हरित और स्वच्छ ऊर्जा आधारित औद्योगिक भविष्य की ठोस नींव के रूप में देखी जा रही है।

ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में गोरखपुर से बढ़े यूपी के कदम

उत्तर प्रदेश ने ग्रीन हाइड्रोजन की दिशा में ठोस कदम उठाने की शुरुआत पहले ही कर दी है। गोरखपुर जिले खानीपुर गांव में देखने को मिला जहां प्रदेश के पहले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर चुके हैं। यह परियोजना देश के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी ग्रीन हाइड्रोजन और प्राकृतिक गैस मिश्रण की पहल है। इस संयंत्र के माध्यम से ग्रीन हाइड्रोजन को सीएनजी और पीएनजी में मिलाकर घरेलू उपभोक्ताओं उद्योगों और परिवहन क्षेत्र तक पहुंचाया जा रहा है। अनुमान है कि इससे हर वर्ष लगभग 500 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यह पहल बताती है कि उत्तर प्रदेश केवल भविष्य की योजनाओं की बात नहीं कर रहा बल्कि वर्तमान में भी ठोस परिणाम दे रहा है।

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Prashant Vinay Dixit is a former Reporter at Newstrack.com.

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