TRENDING TAGS :
Mahrajganj News: खेल मैदान पर बाउंड्री निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने किया जोरदार विरोध, ज्ञापन सौंपा
Mahrajganj News: महराजगंज में मेदिनीपुर ग्राम के खेल मैदान पर बाउंड्री निर्माण के विरोध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जांच जारी।
Mahrajganj News: घुघली विकास खंड के अंतर्गत मेदिनीपुर ग्राम सभा के नारायण टोला में स्थित एकमात्र खेल मैदान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा विभाग द्वारा मैदान की भूमि पर बाउंड्री वॉल निर्माण कराए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्य रोकने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी विद्यालय के विस्तार के नाम पर वर्षों पुराने खेल मैदान की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह मैदान सिर्फ खेलकूद का केंद्र ही नहीं, बल्कि पूरे गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख स्थल भी रहा है। यहां हर वर्ष मेले, कुश्ती प्रतियोगिताएं और अन्य कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिससे गांव की परंपरा और आपसी भाईचारा भी मजबूत होता है।
ग्रामीणों के अनुसार आराजी नंबर 2355 की यह भूमि लंबे समय से खेल मैदान के रूप में उपयोग में रही है। करीब 3000 की आबादी वाले इस क्षेत्र में यही एकमात्र खुला मैदान है, जहां बच्चे और युवा नियमित रूप से खेलकूद करते हैं। यदि इस पर बाउंड्री वॉल का निर्माण हो गया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए खेल की सारी संभावनाएं खत्म हो जाएंगी।
इस मुद्दे को लेकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को लिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि जब तक इस भूमि की स्थिति स्पष्ट न हो जाए, तब तक निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही निष्पक्ष जांच कराकर खेल मैदान को यथावत बनाए रखने की अपील भी की गई।
इस पूरे मामले में विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह उर्फ बबुना बाबू ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में विस्तार से अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि ग्राम सभा की जमीन, आराजी नंबर 2355, लंबे समय से खेल मैदान के रूप में उपयोग में रही है। इसी जमीन के समीप एक सरकारी विद्यालय स्थित है, और आरोप है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय के नाम पर जबरन इस मैदान की घेराबंदी कराने में लगे हुए हैं।
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को बढ़ावा देने और खेल मैदान विकसित करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा मैदानों को समाप्त किया जाना विरोधाभासी नीति को दर्शाता है। इस संबंध में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और सभी पक्षों को सुनने के बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।


