Mahoba News: सरकारी गाड़ी छोड़कर बैलगाड़ी चलाने लगे CO रविकांत गौड़, सादगी ने जीता सबका दिल

Mahoba News: महोबा में कुलपहाड़ के सीओ रविकांत गौड़ का बैलगाड़ी चलाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जांच के दौरान उन्होंने रास्ते में फंसी बैलगाड़ी को खुद हांककर किनारे लगाया।

Shalini singh
Published on: 1 Jun 2026 8:25 PM IST
Mahoba News: सरकारी गाड़ी छोड़कर बैलगाड़ी चलाने लगे CO रविकांत गौड़, सादगी ने जीता सबका दिल
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Mahoba News: महोबा से खाकी का एक ऐसा अनोखा और सादगी भरा चेहरा सामने आया है, जिसने इंटरनेट पर धूम मचा दी है। यहां एक मामले की जांच करने पहुंचे कुलपहाड़ के सीओ रविकांत गौड़ का ज़मीनी अंदाज़ देखने को मिला। जब रास्ते में एक बैलगाड़ी खड़ी मिली, तो साहब ने रौब दिखाने के बजाय खुद उसकी कमान संभाल ली। वर्दी में बैलगाड़ी हांकते सीओ का यह वीडियो अब जमकर वायरल हो रहा है।

आमतौर पर पुलिस का नाम सुनते ही ज़हन में एक सख्त और कड़क छवि उभरती है, लेकिन महोबा से आई इन तस्वीरों ने ‘मित्र पुलिस’ की परिभाषा को सच कर दिखाया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह 24 सेकंड का वीडियो कुलपहाड़ सर्किल के सीओ रविकांत गौड़ का है। खाकी वर्दी पहने सीओ साहब न सिर्फ बैलगाड़ी पर सवार दिखे, बल्कि खुद हाथों में लगाम थामकर उसे हांकने लगे।पूरा मामला पनवाड़ी थाना क्षेत्र के सलैया खालसा गांव का है। सीओ रविकांत गौड़ यहां एक एससी-एसटी मामले की विवेचना करने अपनी सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे। तभी रास्ते में एक बैलगाड़ी खड़ी होने के कारण आगे नहीं जा पा रहे थे।जब पुलिसकर्मियों ने गाड़ी हटाने को कहा, तो पता चला कि गाड़ी का मालिक किसान खेत पर गया हुआ है और बैलगाड़ी में सिर्फ महिला किसान बैठी हैं। महिलाओं की परेशानी और रास्ते की बाधा को देखकर वर्दी के पीछे छिपा एक आम इंसान और किसान जाग उठा।

सीओ साहब ने बिना किसी हिचकिचाहट के खुद बैलगाड़ी की कमान संभाली और उसे किनारे लगाया। इस दौरान उन्होंने बैलगाड़ी की सवारी का आनंद भी लिया और पीछे बैठी महिला किसानों से पुरानी यादें और कृषि संस्कृति साझा की।उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि आधुनिक दौर में भी घरेलू और कृषि कार्यों के लिए बैलों की जोड़ी और बैलगाड़ी कितनी उपयोगी और पर्यावरण के अनुकूल है। पुलिस अधिकारी की इस सादगी और दरियादिली ने वहां मौजूद महिलाओं के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी हर किसी का दिल जीत लिया है। लोग सीओ कुलपहाड़ की इस संवेदनशीलता और ज़मीन से जुड़े रहने के अंदाज़ की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

Shalini singh
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Shalini singh

उप संपादक | डिजिटल मीडिया पत्रकार

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