Mainpuri: वन स्टॉप सेंटर निरीक्षण में मिलीं कई खामियां, बिना आदेश महिला और शिशु को आश्रय पर उठे सवाल

Mainpuri News: मैनपुरी के वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। बिना वैध आदेश के एक महिला और उसके शिशु के आश्रय, रसोई व्यवस्था की खामियों और काउंसलर की अनुपस्थिति पर निरीक्षण समिति ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जवाब तलब किया है।

Ashraf Ansari
Published on: 2 Jun 2026 8:42 PM IST
Mainpuri: वन स्टॉप सेंटर निरीक्षण में मिलीं कई खामियां, बिना आदेश महिला और शिशु को आश्रय पर उठे सवाल
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Mainpuri News: मैनपुरी जिले के वन स्टॉप सेंटर के औचक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निरीक्षण समिति ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला आंध्र प्रदेश की एक महिला और उसके शिशु के बिना किसी वैध लिखित आदेश के सेंटर में आश्रय लिए पाए जाने का सामने आया, जिस पर समिति ने कड़ी आपत्ति जताई है।जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देश पर गठित निरीक्षण समिति ने मंगलवार को वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया।

समिति की अध्यक्षता अपर जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार मिश्रा ने की। निरीक्षण के समय सेंटर में चार महिलाएं मौजूद मिलीं, जबकि दो अन्य महिलाएं चिकित्सकीय परीक्षण के लिए बाहर गई हुई थीं।जांच के दौरान पता चला कि आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले की एक महिला अपने शिशु के साथ सेंटर में रह रही थी, लेकिन उसके आश्रय से संबंधित कोई लिखित आदेश या वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। इस पर समिति ने मामले की विस्तृत जांच कराने और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं। साथ ही महिला के सेंटर में रहने की कानूनी प्रक्रिया को तत्काल सुनिश्चित करने को कहा गया है।

निरीक्षण में सेंटर की रसोई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में मिली। गैस चूल्हा तो मौजूद था, लेकिन गैस सिलेंडर नहीं मिला। फ्रिज भी खाली पाया गया। समिति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष से लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद सेंटर की रसोई शुरू नहीं कराई गई। सेंटर प्रबंधन ने बताया कि महिलाओं के लिए बाहर से टिफिन मंगवाया जाता है, लेकिन भोजन की गुणवत्ता और जांच से संबंधित कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला।

इसके अलावा सेंटर में कोई काउंसलर तैनात नहीं पाया गया। बाथरूम की पानी की टोंटी खराब मिली तथा कमरों की खिड़कियों पर जाली न होने से मच्छरों की समस्या भी सामने आई। कार्यालय में कंप्यूटर तो उपलब्ध था, लेकिन प्रिंटर नहीं मिला। समिति ने इन कमियों को गंभीर मानते हुए दो दिनों के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान मौजूद पीएलवी (पैरालीगल वॉलंटियर) सेंटर की व्यवस्थाओं और वहां रह रही महिलाओं के संबंध में पर्याप्त जानकारी नहीं दे सकी। इस पर समिति ने संबंधित पीएलवी से भी स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए हैं। समिति ने स्पष्ट किया कि सभी कमियों को दूर कर सेंटर की व्यवस्थाओं को नियमानुसार संचालित किया जाए।

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