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Mainpuri News: किसान की बेटी ने बढ़ाया मान, आईआईटी में चयन से क्षेत्र में खुशी की लहर
Mainpuri News: मैनपुरी में एक किसान की बेटी का आईआईटी में चयन होने से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार और ग्रामीणों ने उसकी सफलता पर गर्व जताया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
Mainpuri News(Photo-Social Media)
Mainpuri News: मैनपुरी की प्रतिभाशाली छात्रा जयंती शाक्य ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में चयनित होकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। किसान परिवार से आने वाली जयंती की इस उपलब्धि से क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल है। उनकी सफलता को ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़े सपनों को साकार करने की प्रेरणादायक मिसाल माना जा रहा है।
जयंती शाक्य थाना बेवर क्षेत्र के गांव नगला बाग की निवासी हैं। वह किरण शौजिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल की इंटरमीडिएट की छात्रा हैं। उनके पिता एक किसान हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद जयंती ने कठिन परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
जयंती के परिवार में शिक्षा का विशेष महत्व रहा है। उनके बड़े भाई पीयूष शाक्य का चयन भी पहले आईआईटी में हो चुका है। वहीं उनकी बहन दीप्ति शाक्य ने नीट (NEET) परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार की शैक्षिक उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ा है। अब जयंती के आईआईटी में चयन से परिवार की उपलब्धियों की सूची और लंबी हो गई है।
आईआईटी में चयन की सूचना मिलते ही गांव नगला बाग और विद्यालय परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर विद्यालय में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रशासन ने जयंती को स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। शिक्षकों ने उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी।
सम्मान समारोह में जयंती ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने उद्देश्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
ग्रामीणों का कहना है कि जयंती की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। एक किसान की बेटी का आईआईटी तक पहुंचना यह साबित करता है कि सफलता संसाधनों से नहीं, बल्कि प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति से हासिल की जाती है। जयंती की इस सफलता से पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है।


