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Mathura IIT Baba: लड़कियों को कैसे जाल में फंसाता था अभिषेक मिश्रा? अध्यात्म के नाम पर ऐसे करता था दरिंदगी...जानिए पूरी Inside Story
Mathura IItian Abhishek Mishra: IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वाले ओडिशा के अभिषेक मिश्रा को मथुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने आध्यात्मिक प्रवचन और 'गंधर्व विवाह' की आड़ में कई पढ़ी-लिखी युवतियों का मानसिक व शारीरिक शोषण किया। पुलिस को उसके पास से कई आपत्तिजनक वीडियो और वित्तीय गड़बड़ियों के सबूत मिले हैं।
Mathura IItian Abhishek Mishra: IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद ओडिशा के रहने वाले अभिषेक मिश्रा ने कॉर्पोरेट जगत में नौकरी करने के बजाय एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना। उसने आध्यात्मिक प्रवचन देना शुरू किया और कुछ ही वर्षों में इंटरनेट के माध्यम से युवाओं के बीच अपनी एक खास पहचान बना ली। लेकिन हाल ही में उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन क्षेत्र से हुई उसकी गिरफ्तारी ने सबको चौंका दिया है। पुलिस का आरोप है कि उसने आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर कई युवतियों का भरोसा जीता और फिर उनका मानसिक व शारीरिक शोषण किया। इस मामले में जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, नए और गंभीर तथ्य सामने आ रहे हैं।
ऑनलाइन प्रवचन को बनाया पहला हथियार
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि अभिषेक मिश्रा ने साल 2017 से 2021 के बीच देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की से पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भगवद्गीता तथा अन्य आध्यात्मिक विषयों पर बोलना शुरू किया। वह आधुनिक शिक्षा और धार्मिक ज्ञान को मिलाकर बातें करता था, जिससे युवा उसकी ओर आकर्षित होने लगे। जांच अधिकारियों के अनुसार, अभिषेक मुख्य रूप से उन युवतियों को अपना निशाना बनाता था जो तकनीकी शिक्षा से जुड़ी थीं और अपने जीवन में किसी न किसी तरह के मानसिक, भावनात्मक या पारिवारिक तनाव से गुजर रही थीं। पहले वह बातचीत के जरिए उनका विश्वास जीतता था और फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने परिवार से दूर रहने तथा उसके समूह में शामिल होने के लिए मजबूर करता था।
गंधर्व विवाह का भ्रम और शारीरिक शोषण के आरोप
इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पक्ष तब सामने आया जब एक पीड़ित युवती ने पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज कराए। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, अभिषेक मिश्रा युवतियों को धार्मिक रूप से भ्रमित करता था और उनसे कहता था कि उनका आपस में गंधर्व विवाह हो चुका है। इसी कथित विवाह की आड़ में वह युवतियों के साथ शारीरिक संबंध बनाता था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या वह इस तरह का भ्रम फैलाकर अन्य युवतियों को भी अपनी हवस का शिकार बना चुका है।
पहले भी सामने आए थे विवाद के संकेत
स्थानीय स्तर पर छानबीन करने पर पता चला है कि अभिषेक मिश्रा का यह ठिकाना पहली बार विवादों में नहीं आया है। लगभग छह महीने पहले भी एक परिवार अपनी बेटी को इस समूह से वापस ले जाने के लिए गोवर्धन पहुंचा था, जिसके कारण वहां काफी हंगामा हुआ था। हालांकि, उस समय युवती ने खुद को बालिग बताते हुए अपने फैसले को सही ठहराया था, जिससे मामला कानूनी रूप से आगे नहीं बढ़ सका। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, एक समय इस स्थान पर लगभग दो दर्जन युवक-युवतियां रहा करते थे, लेकिन धीरे-धीरे वहां संदिग्ध गतिविधियां देखकर अधिकांश लोग छोड़कर चले गए।
भावनात्मक दबाव और आर्थिक लेन-देन की जांच
मथुरा पुलिस अब केवल शारीरिक शोषण के आरोपों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। पुलिस को ऐसी जानकारियां मिली हैं कि इस समूह में रहने वाले युवक-युवतियों पर भावनात्मक दबाव बनाया जाता था और उनके जरिए उनके परिवारों से मोटी रकम मंगवाई जाती थी। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस आध्यात्मिक नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा आर्थिक साम्राज्य तो नहीं छिपा था।
फोरेंसिक जांच के दायरे में मोबाइल और वीडियो
सच्चाई को पूरी तरह सामने लाने के लिए पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सबूत भी मिले हैं। पीड़ितों के परिजनों ने पुलिस को कुछ ऐसी तस्वीरें और वीडियो सौंपे हैं, जिनमें आरोपी युवतियों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहा है। पुलिस इन सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को फोरेंसिक लैब में भेजकर उनकी प्रामाणिकता की जांच करवा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सामग्रियों को अदालत में मुख्य साक्ष्य के रूप में पेश किया जाएगा।
मां ने भी छोड़ दिया था साथ
जांच में यह भी पता चला है कि शुरुआत में अभिषेक की मां भी इस केंद्र में उसके साथ रहती थीं, लेकिन कुछ समय बाद वे सब कुछ छोड़कर वहां से चली गईं। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि आखिर किन परिस्थितियों के कारण उसकी मां ने उससे दूरी बनाई। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने वहां से दो युवतियों और एक युवक को मुक्त कराया था, जिन्हें उनके माता-पिता को सौंप दिया गया है। फिलहाल, इन सभी युवाओं की मानसिक स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों की देखरेख में उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें। पुलिस आसपास के स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है ताकि इस मामले से जुड़े हर एक पहलू को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।


