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Mirzapur News: पल्लवी पटेल ने कहा- भाजपा को हो गई है 'मेमोरी प्रॉब्लम', विवेक कमजोर पड़ गया है
Mirzapur News: मड़िहान के समता सम्मेलन में पल्लवी पटेल ने भाजपा पर “मेमोरी प्रॉब्लम” और महिला आरक्षण लागू न करने का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा।
पल्लवी पटेल ने कहा- भाजपा को हो गई है 'मेमोरी प्रॉब्लम', विवेक कमजोर पड़ गया है (Photo- Newstrack)
Mirzapur News: मिर्जापुर के मड़िहान विधानसभा क्षेत्र के कलवारी स्थित रामलीला मैदान में अपना दल (कमेरावादी) द्वारा मंडलीय समता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी रही। सम्मेलन के दौरान पार्टी की प्रमुख नेता और सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की नीतियों में स्पष्टता की कमी है और कई फैसले ऐसे हैं जो जनता के हित में नहीं दिखते। उनके बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
महिला आरक्षण और यूजीसी मुद्दे पर उठाए सवाल
पल्लवी पटेल ने अपने भाषण में यूजीसी से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह शोषण के खिलाफ एक सकारात्मक पहल थी, लेकिन भाजपा ने इसे लागू कराने के बाद ही अपने ही लोगों से विरोध करवा दिया, जिससे मामला अधर में लटक गया।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का दावा करती है, लेकिन इसका असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना से जुड़ा मुद्दा बताते हुए संसद का विशेष सत्र बुलाने और महिलाओं को 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण देने की मांग की।
“मेमोरी प्रॉब्लम” और चुनावी नतीजों पर तंज
अपने संबोधन में पल्लवी पटेल ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को “मेमोरी प्रॉब्लम” हो गई है और उसका निर्णय लेने का विवेक कमजोर पड़ गया है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने “400 पार” का नारा दिया था, लेकिन परिणाम उसके विपरीत आए।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी झटके से भाजपा अभी तक उबर नहीं पाई है। अपने भाषण के दौरान उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए विवादित टिप्पणी भी की, जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई।
इस सम्मेलन में पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने भी सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से आगामी राजनीतिक रणनीति के संकेत भी देखने को मिले।


