एनआईए के डिप्टी एसपी की सड़क हादसे में मौत, गंगा एक्सप्रेसवे पर एक महीने में 15 हादसों ने बढ़ाई चिंता

NIA Deputy SP Death: मुरादाबाद में सड़क हादसे में एनआईए के डिप्टी एसपी ईशान मेहरा की मौत हो गई, जबकि उनकी महिला मित्र घायल हो गईं। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे पर एक महीने में 15 से अधिक हादसों में 6 लोगों की जान जा चुकी है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 31 May 2026 2:06 PM IST
NIA Deputy SP Death
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Image- Social Media

NIA Deputy SP Death: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। जहां कटघर थाना क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार देर रात हुए हादसे में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के डिप्टी एसपी ईशान मेहरा की मौत हो गई है, जबकि उनके साथ मौजूद महिला मित्र पूनम घायल हो गईं। यह हादसा उस समय हुआ जब उनकी तेज रफ्तार बाइक आगे चल रहे कंटेनर से टकरा गई।

दिल्ली से बाजपुर जा रहे थे ईशान मेहरा

पुलिस के अनुसार, पंजाब के मोहाली निवासी 32 वर्षीय ईशान मेहरा एनआईए के दिल्ली कार्यालय में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात थे। शुक्रवार रात वह अपनी महिला मित्र पूनम के साथ बाइक से दिल्ली से बाजपुर की ओर जा रहे थे। रात करीब साढ़े 11 बजे उनकी बाइक कटघर थाना क्षेत्र के देवापुर गांव के सामने हाईवे से गुजर रही थी। इसी दौरान आगे चल रहे कंटेनर में उनकी बाइक पीछे से जा घुसी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ईशान मेहरा और पूनम दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

वहीं जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद ईशान मेहरा को मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में घायल पूनम का उपचार जारी है। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

इस बाबत जानकारी देते हुए एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मृतक ईशान मेहरा दिल्ली स्थित एनआईए कार्यालय में डिप्टी एसपी के पद पर कार्यरत थे। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद परिजन उनका शव अपने साथ ले गए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

चिंता का कारण बना हादसों का बढ़ता ग्राफ

उधर, मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को शुरू हुए 29 मई को एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन तेज और सुरक्षित सफर का दावा करने वाला यह एक्सप्रेसवे लगातार सड़क हादसों के कारण चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महज 30 दिनों के भीतर अमरोहा और संभल जिलों की सीमा में 15 से अधिक बड़े हादसे हो चुके हैं।

वहीं इन हादसों में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लगातार सामने आ रहे हादसों ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उद्घाटन के बाद शुरू हुआ हादसों का सिलसिला

गौरतलब हो कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को हरदोई से गंगा एक्सप्रेसवे का शुभारंभ किया था। उस समय दावा किया गया था कि अत्याधुनिक तकनीक, कैमरे, सेंसर और बेहतर निगरानी व्यवस्था से लैस यह एक्सप्रेसवे यात्रियों को सुरक्षित और तेज सफर उपलब्ध कराएगा।

हालांकि उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद हादसों का सिलसिला शुरू हो गया। संभल जिले में एक महीने के भीतर नौ बड़े हादसे दर्ज किए गए, जिनमें छह लोगों की मौत हुई और 19 लोग घायल हुए। वहीं अमरोहा जिले के हिस्से में छह से अधिक हादसे सामने आए, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

सड़क सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल

यहां एक तरफ मुरादाबाद में हुए हादसे में एनआईए के डिप्टी एसपी की मौत ने लोगों को झकझोर दिया है, तो दूसरी तरफ गंगा एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते सड़क हादसे भी चिंता का विषय बने हुए हैं। एक महीने के भीतर सामने आए हादसों के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर और अधिक सतर्कता की आवश्यकता है।

Aditya Kumar Verma
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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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