Muzaffarnagar News: किसानों के हक पर डाका डालने वाले यूरिया कालाबाजारी गिरोह का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार

Muzaffarnagar News: किसानों के हक की यूरिया खाद की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने 454 कट्टे बरामद कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच जारी है।

Amit Kaliyan
Published on: 2 Jun 2026 6:05 PM IST
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Muzaffarnagar News(Photo-Social Media)

Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में किसानों के हितों पर डाका डालने वाले एक अंतर्राज्यीय यूरिया तस्कर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ‘ऑपरेशन किसान प्रहरी’ के तहत थाना जानसठ पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 454 कट्टे सरकारी अनुदानित यूरिया बरामद किया गया है। बरामद माल, वाहन और फर्जी बिलों की कुल कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाला यूरिया भोपा क्षेत्र के तीन खाद विक्रेताओं से कम दामों में खरीदता था और फिर फर्जी बिल तैयार कर पिकअप व कैंटर वाहनों के जरिए इसे हरियाणा के यमुनानगर भेजा जाता था। वहां यह यूरिया प्लाईवुड फैक्टरियों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। जांच में सामने आया कि इंडस्ट्रियल ग्रेड यूरिया से ग्लू बनाने की लागत 80 से 100 रुपये प्रति किलो आती है, जबकि सब्सिडी वाला यूरिया इस्तेमाल करने पर यह लागत केवल 5 से 6 रुपये प्रति किलो रह जाती है। इसी भारी मुनाफे के चलते यह पूरा नेटवर्क सक्रिय था।

घटना 01 जून की रात की है, जब कवाल पुल के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक हुंडई ऑरा कार, एक कैंटर और दो पिकअप वाहनों को रोका। ऑरा कार में सवार आरोपी रेकी का काम कर रहे थे। तलाशी के दौरान वाहनों से HURL, KRIBHCO और RCF मार्का के 454 यूरिया कट्टे बरामद किए गए।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले लगभग छह महीनों में यह गिरोह करीब 15.12 लाख किलोग्राम अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी कर चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में सहारनपुर, यमुनानगर और मुजफ्फरनगर के आठ लोग शामिल हैं। इसके अलावा भोपा क्षेत्र के तीन खाद विक्रेता सौरभ उर्फ हिमांशु, रोहन उर्फ प्रियांशु और सूर्य प्रताप उर्फ तुषार को भी गिरफ्तार किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत थाना जानसठ में मुकदमा दर्ज कर लिया है तथा फरार अभियुक्तों की तलाश जारी है।

एसएसपी ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क किसानों के हक का अनाज औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाकर अवैध लाभ कमा रहा था। पुलिस ने तकनीकी इनपुट, सर्विलांस और कृषि विभाग के सहयोग से इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन किसान प्रहरी के तहत आगे भी इस तरह के संगठित अपराधों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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