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नोएडा हिंसा का मास्टरमाइंड आदित्य आनंद गिरफ्तार, तमिलनाडु से दबोचा गया
Noida Violence Mastermind Arrested: नोएडा आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी आदित्य आनंद को एसटीएफ ने तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है।
Noida Violence Mastermind Arrested: यूपी के नोएडा में हिंसा की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने नोएडा से करीब 2 हजार 400 किलोमीटर दूर तमिलनाडु से आदित्य आनंद को अरेस्ट किया है। आदित्य आनंद, नोएडा में हिंसा के बाद अपना गेटअप बदलकर भाग गया था। आखिरकार उसे पकड़ लिया गया है, इसकी जानकारी गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने दी है। एसटीएफ और नोएडा पुलिस की कई टीमें जगह-जगह रेड्स कर रही थीं, जिसके बाद इसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया।
तमिलनाडु भाग गया था मास्टरमाइंड आदित्य
इससे पहले मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद ने गिरफ्तार हो चुके रूपेश राय, श्रृष्टि, मनीषा और आकृति के साथ मिलकर मानेसर हिंसा में साजिश की थी। इसके बाद, नोएडा में मजदूर संगठनों को भड़काया और 13 अप्रैल को हिंसा करवाई। हालांकि, रूपेश की गिरफ्तारी के बाद आदित्य आनंद ने अपनी दाढ़ी और बाल कटवाए और भेष बदलकर तमिलनाडु फरार हो गया था।
मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद पर बड़े खुलासे
बता दें कि बीते गुरुवार को पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने नोएडा हिंसा और उसके मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को लेकर बड़े खुलासे किए थे। उन्होंने बताया था कि नोएडा की हिंसा मेलाफाइड इंटेंशन ऑर्गेनाइज एक्टीविटी थी। मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद, मनीषा चौहान और रूपेश राय ने मजदूरों को उकसाने का काम किया था। आदित्य, 2020 से और रूपेश, 2018 से लगातार भारत भर में घूम रहे थे। कहीं भी कोई एजिटेशन होता था, तो वहां इनकी प्रेजेंस जरूर होती थी। रूपेश रॉय खुद को ऑटो ड्राइवर कहता है तो आदित्य खुद को बेरोजगार बताता है।
व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर भड़काई गई थी हिंसा
जांच में सामने आया है कि 9 और 10 अप्रैल को इन तीनों आरोपियों ने कई व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर श्रमिकों को जोड़ा और उन्हें सड़कों पर उतरने, तोड़फोड़ और आगजनी के लिए उकसाया। इसके बाद 13 अप्रैल को नोएडा के कई इलाकों में हिंसक घटनाएं हुईं, जिनमें सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।
पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सक्रिय कुछ हैंडल पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे। इन हैंडल्स से लगातार भड़काऊ और भ्रामक पोस्ट शेयर की जा रही थीं, जिनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बिगाड़ना था। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, इन अकाउंट्स को चलाने के लिए वीपीएन का इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि असली लोकेशन छिपाई जा सके।
अब तक 62 गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने अब तक इस मामले में 62 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल कई लोग बाहरी और सुनियोजित साजिश का हिस्सा थे। पूरे मामले की जांच अब एटीएस भी कर रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।


