Pilibhit News जनरेटर की लाइन ने ले ली विधुत कर्मी की जान, मुकदर्शक बने देखते रहे अधिकारी और कर्मचारी

Pilibhit News: पीलभीत में जनरेटर लाइन हादसे में विद्युत कर्मी की दर्दनाक मौत, मौके पर मौजूद अधिकारियों की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

Pranjal Gupata
Published on: 3 Jun 2026 11:09 AM IST (Updated on: 3 Jun 2026 11:16 AM IST)
Pilibhit News जनरेटर की लाइन ने ले ली विधुत कर्मी की जान, मुकदर्शक बने देखते रहे अधिकारी और कर्मचारी
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Pilibhit accident

Pilibhit News : उत्तर प्रदेश के से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक विद्युत कर्मी की जनरेटर की लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया, बल्कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब विद्युत कर्मी अपने नियमित कार्य में लगा हुआ था। इसी दौरान जनरेटर से जुड़ी एक लाइन में अचानक करंट प्रवाहित हो गया और वह उसकी चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उसे बचाने की कोशिशें की गईं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

मौके पर मौजूद रहे अधिकारी, लेकिन नहीं मिली समय पर मदद

सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि घटना के समय मौके पर बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे, लेकिन समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए जा सके। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सभी लोग केवल मूकदर्शक बने रहे और पीड़ित को तुरंत जरूरी सहायता नहीं मिल पाई।इस लापरवाही को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई की जाती, तो शायद इस कर्मचारी की जान बचाई जा सकती थी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर विद्युत विभाग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। अक्सर फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भरी परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, लेकिन सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन व्यवस्था कई बार नाकाफी साबित होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में उचित सुरक्षा प्रशिक्षण, लाइन डिस्कनेक्शन प्रक्रिया और सुपरविजन बेहद जरूरी होता है, जिसकी कमी कई बार जानलेवा साबित होती है।

जांच की मांग तेज

घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।

प्रशासन की ओर से जांच के आदेश दिए जाने की संभावना है, लेकिन अभी तक आधिकारिक बयान का इंतजार है।

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