Prayagraj Murder Mystery का सच आया सामने! मां-बाप और बहन के हत्यारे बेटे का दोस्त ने ही कर दिया ‘दि एंड’

Prayagraj Family Murder Case: शहर के साउथ मलाका इलाके में हुए सनसनीखेज सामूहिक हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 3 Jun 2026 2:39 PM IST (Updated on: 3 Jun 2026 2:39 PM IST)
Prayagraj Family Murder Case
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Prayagraj Family Murder Case

Prayagraj Family Murder Case: शहर के साउथ मलाका इलाके में हुए सनसनीखेज सामूहिक हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस जघन्य वारदात के पीछे कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि कारोबारी परिवार का ही सदस्य था। पुलिस के अनुसार कारोबारी के बड़े बेटे अभिषेक वैश्य ने अपने दोस्त शनि गुप्ता के साथ मिलकर अपने माता-पिता और बहन की हत्या की साजिश रची थी। हालांकि वारदात को अंजाम देने के बाद लूट के माल के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में शनि गुप्ता ने अभिषेक की भी हत्या कर दी।

संपत्ति बनी हत्याकांड की वजह

पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना रविवार रात को हुई थी, लेकिन बंद मकान से बदबू आने के बाद मंगलवार को इसका पता चला। मामले की गंभीरता को देखते हुए लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच के अनुसार अभिषेक वैश्य ने करोड़ों रुपये की संपत्ति और घर में रखे कीमती जेवरात तथा नकदी पर कब्जा करने की नीयत से अपने परिवार को खत्म करने की योजना बनाई थी। उसने अपने दोस्त शनि गुप्ता को घर बुलाया। दोनों ने पहले साथ बैठकर शराब पी और फिर धारदार हथियार तथा भारी वस्तुओं से कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य और बेटी मीनाक्षी की हत्या कर दी।

वारदात के बाद जेवरात और नकदी को किया इकट्ठा

वारदात के बाद दोनों ने पूरे घर में रखे जेवरात और नकदी को इकट्ठा किया। लेकिन लूट के माल के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान शनि गुप्ता ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के अनुसार, घटना को भटकाने के लिए आरोपी ने एक गत्ते पर खून से संदेश लिखकर हत्या का आरोप परिवार के छोटे बेटे और उसकी पत्नी पर डालने की कोशिश की। उल्लेखनीय है कि परिवार का छोटा बेटा पहले से ही जेल में बंद है। मंगलवार को जब पड़ोसियों ने घर से तेज दुर्गंध आने की सूचना पुलिस को दी, तब कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। मकान पर बाहर से ताला लगा हुआ था।

ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर पहली मंजिल के कमरे में वीरेंद्र कुमार और उनकी पत्नी के शव मिले। पास के कमरे में बेटी मीनाक्षी का शव पड़ा था। बाद में पूरे मकान की तलाशी लेने पर एक दुकान के अंदर अभिषेक का शव भी बरामद हुआ। वीरेंद्र कुमार वैश्य इलाके के प्रतिष्ठित कारोबारी थे। उनके मकान के भूतल पर 14 दुकानें थीं, जिनसे हर महीने अच्छी आय होती थी। पुलिस का मानना है कि संपत्ति और धन के लालच ने इस पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश को जन्म दिया। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी शनि गुप्ता की तलाश में जुटी हुई है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

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Shishumanjali kharwar

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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