‘नेशन फर्स्ट’ हर नागरिक के लिए भी मार्गदर्शक सिद्धांत, क्योंकि राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Yogi Adityanath Nation First: प्रयागराज में नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘नेशन फर्स्ट’ को हर नागरिक का मार्गदर्शक बताया। आधुनिक युद्ध में साइबर, स्पेस और टेक्नोलॉजी की बढ़ती भूमिका और यूपी डिफेंस कॉरिडोर की प्रगति पर खास जोर।

Newstrack Network
Published on: 6 May 2026 5:07 PM IST (Updated on: 6 May 2026 5:08 PM IST)
Yogi Adityanath Nation First
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Yogi Adityanath Nation First (Image Credit-Social Media)

प्रयागराज, 6 मई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब लड़ाई सीमाओं से बढ़कर साइबर, स्पेस, डेटा नेटवर्क और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम तक फैल चुकी है। पारंपरिक युद्ध कौशल के साथ-साथ अब तकनीकी दक्षता, रणनीतिक सोच और मानसिक दृढ़ता भी अनिवार्य हो गई है। आज के युद्ध में कीबोर्ड, सेटेलाइट और डेटा उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने पारंपरिक हथियार। दुश्मन के संचार नेटवर्क को बाधित करना तथा अपने सिस्टम को सुरक्षित रखना नई युद्ध रणनीति का आधार बन रहा है। ऐसे परिदृश्य में वही राष्ट्र आगे रहेगा, जो साहस और तकनीक के बीच संतुलन स्थापित कर सके। “नेशन फर्स्ट” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय सैनिक के जीवन का संकल्प है। यह हर नागरिक के लिए भी मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए, क्योंकि राष्ट्र सर्वोपरि है और उससे बढ़कर कुछ भी नहीं। सीएम योगी बुधवार को प्रयागराज में "रक्षा त्रिवेणी संगम" की थीम पर नॉर्थ टेक सिम्पोजियम (एनटीएस) 2026 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

आधुनिक युद्ध में कीबोर्ड भी एक प्रभावी हथियार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सियाचिन की जमाने वाली ठंड हो, रेगिस्तान की तपती रेत, घने जंगलों का अंधकार या समुद्र व आकाश की अनंत चुनौतियां, हमारे सैनिक हर परिस्थिति में तत्पर रहते हैं। उनकी सतर्क निगाहों के कारण ही पूरा देश सुरक्षित और निश्चिंत रह पाता है। आधुनिक युद्ध अब केवल जल, थल और नभ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के युग में प्रवेश कर चुका है। युद्ध में साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसे क्षेत्र भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं। कीबोर्ड भी एक प्रभावी हथियार बन चुका है। दुश्मन के पावर ग्रिड, राडार, जीपीएस, बैंकिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम को बाधित करना या अपने नेटवर्क को सुरक्षित व अभेद्य बनाना, नई सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। सेटेलाइट्स के माध्यम से निगरानी, खुफिया जानकारी और नेविगेशन अब युद्ध की ‘आंख’ और ‘दिमाग’ बन चुके हैं। अब लड़ाई सिग्नल्स और डेटा के माध्यम से भी लड़ी जा रही है।

डिफेंस सेक्टर में यूपी ने की उल्लेखनीय प्रगति

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर युद्ध जैसी स्थितियों ने यह स्पष्ट किया है कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता कितनी आवश्यक है। कुछ वर्ष पहले भारत का रक्षा निर्यात लगभग 600 करोड़ रुपये ही था, लेकिन निरंतर प्रयासों से आज हमारी सामर्थ्य 38 हजार से 50 हजार करोड़ रुपये तक के रक्षा उत्पाद निर्यात करने की है। भारत अब मित्र देशों को रक्षा उत्पाद उपलब्ध करा रहा है। उत्तर प्रदेश ने भी इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह प्रमुख नोड्स लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट पर तेजी से कार्य हो रहा है। इन नोड्स में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर रहे हैं। सरकार ने डिफेंस एवं एयरोस्पेस पॉलिसी के तहत बड़े लैंड बैंक का निर्माण किया है और निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अलीगढ़ छोटे हथियारों और रक्षा उपकरणों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जबकि कानपुर गोला-बारूद, मिसाइल, डिफेंस टेक्सटाइल और प्रोटेक्टिव गियर के उत्पादन का महत्वपूर्ण हब बन रहा है। लखनऊ और झांसी नोड्स में ब्रह्मोस मिसाइल और हैवी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे देश की सैन्य क्षमता और मजबूत हो रही है। चित्रकूट और आगरा नोड्स में एयरोस्पेस और प्रिसिजन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विकास जारी है, ताकि स्पेस डोमेन सहित रक्षा के सभी आयामों में देश की क्षमता को सुदृढ़ किया जा सके।

यूपी डिफेंस कॉरिडोर सैनिकों की क्षमता और सुरक्षा में मददगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी डिफेंस कॉरिडोर के तहत तोप के गोले, स्वदेशी ड्रोन, बुलेटप्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणालियों का निर्माण किया जा रहा है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उत्तर प्रदेश में उपलब्ध हैं। प्रदेश के पास 56 प्रतिशत युवा एवं स्किल्ड वर्कफोर्स और 96 लाख एमएसएमई इकाइयों का मजबूत आधार है, जो विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। सभी 6 स्ट्रेटेजिक नोड्स पर पर्याप्त लैंड बैंक भी उपलब्ध है। राज्य सरकार स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के माध्यम से मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में आईआईटी कानपुर के साथ ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया गया है, जबकि स्टेट फॉरेंसिक संस्थान के माध्यम से भी विभिन्न क्षेत्रों में नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। सभी स्ट्रेटेजिक नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है।

ज्ञान जहां से भी आए, उसे स्वीकारना हमारी परंपरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सिम्पोजियम के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री के विजन को साकार होते देखना गर्व का विषय है। यह सिम्पोजियम ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान जहां से भी आए, उसे स्वीकार करना हमारी परंपरा रही है और यह सिम्पोजियम उसी भावना को आगे बढ़ा रहा है।

हाईटेक क्षेत्रों में स्थापित हुए स्टार्टअप

सीएम योगी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 21,000 से अधिक स्टार्टअप्स स्थापित हुए हैं, जो एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे हाईटेक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। सेफ्टी, टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के समन्वय से प्रदेश ने बीमारू छवि को पीछे छोड़ते हुए देश के ग्रोथ इंजन के रूप में पहचान बनाई है। अपराध और अव्यवस्था के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति हमारा संकल्प रहा है। माफिया से कानून के राज और उपद्रव से उत्सव तक की यात्रा तय करते हुए यूपी इस मुकाम तक पहुंचा है।

हमारी उदारता को कोई कमजोरी न समझे

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सिद्धांत को आत्मसात किया है। उदारता हमारे संस्कार का हिस्सा है, लेकिन इसकी रक्षा के लिए शक्ति व सामर्थ्य का होना अनिवार्य है। उन्होंने इस संदर्भ में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षमा व शांति की भाषा वही प्रभावी ढंग से बोल सकता है, जिसके पास पर्याप्त शक्ति हो। भारत अपनी सामरिक और आंतरिक शक्ति इसलिए नहीं बढ़ा रहा कि किसी पर आक्रमण करे, बल्कि इसलिए कि उसकी उदारता को कोई कमजोरी न समझे।

यूपी का कानून-व्यवस्था मॉडल देश-दुनिया में उदाहरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने वर्ष 2017 में सत्ता संभाली, प्रदेश अराजकता, अव्यवस्था और पहचान के संकट से जूझ रहा था। तब हमने ‘रूल ऑफ लॉ’ को स्थापित करने का संकल्प लिया और अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पूरी सख्ती के साथ लागू की। आज उत्तर प्रदेश का कानून-व्यवस्था मॉडल देश-दुनिया में एक उदाहरण है। इसी सुदृढ़ कानून-व्यवस्था ने प्रदेश में विश्वसनीय और निवेश अनुकूल इकोसिस्टम तैयार किया, जिसने उद्योग व रोजगार के नए अवसरों को गति दी। डिफेंस कॉरिडोर भी इसका एक हिस्सा है। आज प्रदेश के पास एक्सप्रेसवे, हाईवे, आधुनिक रेलवे कनेक्टिविटी, मेट्रो नेटवर्क व एयर कनेक्टिविटी के रूप में देश का विशालतम इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क है।

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, उत्तर प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, एसआईडीएम के वाइस प्रेसिडेंट नीरज गुप्ता, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ए.के. घोष के साथ ही सेना के कई वरिष्ठ अधिकारीगण और स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।

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