Raebareli News: जिला अस्पताल में अब आधार कार्ड दिखाते ही तुरंत मिलेगा स्ट्रेचर, नहीं भटकेंगे मरीज

Raebareli News: रायबरेली जिला अस्पताल में नई व्यवस्था लागू की गई है। अब मरीजों और तीमारदारों को आधार कार्ड दिखाते ही तुरंत स्ट्रेचर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।

Narendra Singh
Published on: 3 Jun 2026 3:26 PM IST
Raebareli News
X

Raebareli News(Photo-Social Media)

Raebareli News: उत्तर प्रदेश के ​रायबरेली जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को अब स्ट्रेचर के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की इस बड़ी समस्या का स्थाई समाधान खोज लिया है। अब अस्पताल परिसर में विशेष 'स्ट्रेचर रूम' बनाए जाएंगे, जहाँ से मरीजों को व्यवस्थित तरीके से स्ट्रेचर उपलब्ध कराए जाएंगे।

​सीएमओ और सीएमएस ने किया औचक निरीक्षण

​इस नई व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉक्टर नवीन चंद्रा ने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉक्टर पुष्पेंद्र कुमार के साथ अस्पताल का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने मौके पर ही स्ट्रेचर रूम के निर्माण और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

कहाँ-कहाँ बनेंगे स्ट्रेचर रूम?

​मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए अस्पताल परिसर में दो मुख्य जगहों पर स्ट्रेचर रूम बनाने का निर्णय लिया गया है। ​जिला अस्पताल के मेन गेट (मुख्य द्वार) के ठीक सामने ​इमरजेंसी वार्ड के पास- इन दोनों संवेदनशील जगहों पर स्ट्रेचर रूम होने से एम्बुलेंस या निजी वाहनों से आने वाले गंभीर मरीजों को गाड़ी से उतरते ही बिना किसी देरी के स्ट्रेचर मिल सकेगा।

आधार कार्ड दिखाकर मिलेगी सुविधा

​अक्सर देखा जाता है कि लोग स्ट्रेचर ले जाते हैं और उसे कहीं भी छोड़ देते हैं, जिससे दूसरे मरीजों को दिक्कत होती है। इस अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन ने एक पारदर्शी नियम बनाया है। जिसके तहत-

1- ​मरीज के तीमारदार को स्ट्रेचर रूम में अपना आधार कार्ड (या कोई अन्य पहचान पत्र) दिखाना होगा।

​2- पहचान दर्ज करने के बाद तुरंत स्ट्रेचर दे दिया जाएगा।

3- ​मरीज को वार्ड में शिफ्ट करने के बाद जब स्ट्रेचर वापस जमा किया जाएगा, तो तीमारदार को उनका आईडी कार्ड सुरक्षित वापस मिल जाएगा।

क्या कहते हैं अधिकारी?

​निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉक्टर नवीन चंद्रा ने कहा कि, ​हमारा मुख्य उद्देश्य अस्पताल आने वाले हर मरीज को सुलभ और त्वरित इलाज देना है। स्ट्रेचर न मिलने के कारण तीमारदारों को होने वाली परेशानी को अब पूरी तरह खत्म किया जा रहा है।" ​वहीं, सीएमएस डॉक्टर पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि स्ट्रेचर रूम की स्थापना का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा और यहाँ 24 घंटे स्टाफ की तैनाती रहेगी ताकि रात के समय आने वाले मरीजों को भी कोई असुविधा न हो। ​इस नई पहल से जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और मरीजों को स्ट्रेचर के लिए यहाँ-वहाँ दौड़ने से मुक्ति मिलेगी।

Narendra Singh
ABOUT THE AUTHOR

Narendra Singh

Next Story