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Raebareli News: प्रजनन काल के दौरान मछली पकड़ने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी जेल
Raebareli News: रायबरेली में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान मछली पकड़ने, बेचने और फ्राई/फिंगरलिंग नष्ट करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई होगी।
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Raebareli News: रायबरेली, प्राकृतिक मत्स्य संपदा के संरक्षण और पारंपरिक मछुआरा समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) सरनीत कौर ब्रोका ने जनपद में मछली पकड़ने, बेचने और उनके बच्चों (फ्राई एवं फिंगरलिंग) को नष्ट करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम 1948 और मत्स्य नियमावली 1954 के तहत तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
प्रतिबंधों की समय-सारणी और नियम
जिलाधिकारी द्वारा जारी निषेधाज्ञा के अनुसार, जनपद की सभी सीमाओं के भीतर निम्नलिखित अवधियों में विभिन्न गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। राजस्व और मत्स्य विभाग के शासनादेश के अनुसार, 01 जून 2026 से 31 अगस्त 2026 तक नदियों में मछली पकड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए 15 जून 2026 से 30 जुलाई 2026 तक किसी भी जलाशय, मीनाशय या नदी में शिकारमाही (मछली पकड़ना) नहीं की जा सकेगी। 15 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक नदियों और जलाशयों से फ्राई, फिंगरलिंग, स्पॉन या जीरा पकड़ने, उन्हें नष्ट करने या बेचने पर पूरी तरह रोक है।इस अवधि के दौरान मछली पकड़ने वाले विभिन्न जालों और ऐसे सभी उपकरणों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा जिससे शिकारमाही संभव हो। कोई भी व्यवसायी या व्यक्ति इस कृत्य के लिए किसी अन्य को प्रेरित भी नहीं करेगा।
बिना वारंट गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई के निर्देश
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन बेहद सख्त रुख अपनाने जा रहा है। यूपी मत्स्य अधिनियम 1948 की धारा 6 और 8 के तहत इस आदेश का उल्लंघन एक दंडनीय अपराध माना जाएगा।मत्स्य विभाग के प्राधिकृत अधिकारियों और पुलिस उप-निरीक्षकों (SI) को यह अधिकार दिया गया है कि वे प्रतिबंधित अवधि में अवैध रूप से मछली पकड़ने या बेचने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकते हैं। इसके साथ ही, मत्स्य विभाग के अधिकारियों के पास दोषी व्यक्ति के खिलाफ धारा 8 के तहत एकमुश्त जुर्माना लगाने का भी पूरा अधिकार होगा।डीएम ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश रायबरेली जनपद की संपूर्ण सीमा में तय समय तक सख्ती से प्रभावी रहेगा, ताकि जलीय पारिस्थितिकी तंत्र और मत्स्य उत्पादन को नुकसान से बचाया जा सके।


