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आजम खान का राजनीतिक भविष्य इन दो केस पर टिका, 23 जनवरी को अहम सुनवाई
UP Politics News: आजम खान के खिलाफ चल रहे मुकदमों की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन शत्रु संपत्ति से जुड़े दो मामले वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में दोनों मामलों की साथ सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है।
UP Politics News: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वर्तमान में रामपुर जिला जेल में सजा काट रहे आजम खान के भविष्य को लेकर सबकी नजरें कोर्ट के आगामी फैसलों पर टिकी हैं। विशेष रूप से जनवरी के अंत में होने वाली दो मामलों की सुनवाई उनके राजनीतिक करियर की दिशा तय कर सकती है।
दो केस पर टिका आजम खान का भविष्य
आजम खान के खिलाफ चल रहे मुकदमों की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन शत्रु संपत्ति से जुड़े दो मामले वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में दोनों मामलों की साथ सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। ये मुकदमे साल 2019 में रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज किए गए थे। इन मामलों में आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में शत्रु संपत्ति (Enemy Property) पर अवैध कब्जा किया गया। इस पर अदालत ने 23 जनवरी की तारीख तय की है।
तंजीन फातिमा ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
कानून के जानकारों के अनुसार यदि इन मामलों में फैसला आजम खान के खिलाफ आता है, तो उनके लिए भविष्य की चुनावी राहें बंद हो सकती हैं। इसके साथ ही 'क्वालिटी बार' कब्जे के मामले में भी कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। इसी बीच आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को बड़े बेटे अदीब आजम के साथ जेल में मुलाकात करने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए नाराजगी जाहिर की है।
आजम खान की सेहत लगातार गिर रही
तंजीन फातिमा का कहना है कि आजम खान की सेहत लगातार गिर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कड़ाके की ठंड के बावजूद आजम खान को जेल में बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। तंजीन फातिमा के अनुसार "उन्हें कई दिनों से सर्दी, जुकाम और तेज बुखार है, लेकिन इसके बावजूद बेड तक मुहैया नहीं कराया गया है। वह कड़ाके की ठंड में जमीन पर सोने को मजबूर हैं। उन्होंने मांग की कि आजम खान की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए जेल मैनुअल के तहत 'ए-श्रेणी' की सुविधाएं दी जानी चाहिए।
जेल ने सभी आरोपों को बताया निराधार
रामपुर जिला जेल के अधीक्षक राजेश यादव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। जेल प्रशासन ने कहा कि आजम खान की तबीयत पूरी तरह सामान्य है, उन्हें कोई गंभीर समस्या नहीं है। अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनकी जांच कर रही है, उन्हें जेल मैनुअल के अनुसार निर्धारित सुविधाएं दी जा रही हैं।
7 साल की सजा काट रहे है आजम खान
आपको बता दें कि दो अलग-अलग पैन कार्ड रखने के मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई है। इसी सजा के चलते वे 17 नवंबर 2025 से रामपुर जिला जेल में बंद हैं। अब 23 जनवरी को होने वाली सुनवाई तय करेगी कि आजम खान की मुश्किलें कम होंगी या फिर उनका सियासी सफर और भी कठिन हो जाएगा।


