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Sant Kabir Nagar News: संतकबीरनगर में 18 करोड़ की GST चोरी का खुलासा, दो इनामी दिल्ली से गिरफ्तार
Sant Kabir Nagar News: संतकबीरनगर में फर्जी फर्मों और बिलिंग नेटवर्क के जरिए करीब 19 करोड़ रुपये के GST घोटाले का खुलासा, दिल्ली से 25-25 हजार के दो इनामी आरोपी गिरफ्तार।
संतकबीरनगर में 18 करोड़ की GST चोरी का खुलासा, दो इनामी दिल्ली से गिरफ्तार (Photo- Newstrack)
Sant Kabir Nagar News: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर पुलिस को जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 25-25 हजार रुपये के दो इनामी अभियुक्तों को दिल्ली के हरिनगर इलाके से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
फर्जी फर्मों के जरिए किया गया करोड़ों का खेल
पूरा मामला जुलाई 2025 में सामने आया था, जब राज्य कर विभाग संतकबीरनगर के सहायक आयुक्त अरविंद कुमार की तहरीर पर कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच में पता चला कि 'सर्व श्री यादव इंटरप्राइजेज' नाम की एक अस्तित्वहीन फर्म के जरिए बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के फर्जी इनवॉइस तैयार किए जा रहे थे।
आरोप है कि इस कागजी फर्जीवाड़े के माध्यम से मई 2025 के जीएसटी रिटर्न में 18 करोड़ 96 लाख 53 हजार 679 रुपये की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट पास की गई और 18 करोड़ 96 लाख 80 हजार 190 रुपये का गलत क्लेम किया गया। जांच में गुरुग्राम की 'अल्फा इंटरप्राइजेज' और दिल्ली की 'राधे इंटरप्राइजेज' समेत कई फर्मों की भूमिका भी सामने आई है।
दिल्ली से गिरफ्तार हुए दोनों आरोपी
पुलिस ने इस मामले में दिल्ली निवासी सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी और अजीत कुमार को गिरफ्तार किया है। इससे पहले फरवरी 2026 में पुलिस इस प्रकरण के दो मुख्य आरोपियों संदीप कुमार और अमन उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
फर्जी दस्तावेज और सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार होते थे इनवॉइस
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी पोर्टल पर बोगस फर्मों का पंजीकरण कराते थे। इसके बाद लैपटॉप में 'बीजी सॉफ्टवेयर' का इस्तेमाल कर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि पूरे लेनदेन को वास्तविक दिखाने के लिए आरोपी 'सर्कुलर ट्रेडिंग' का सहारा लेते थे। इसके तहत रकम को कई बैंक खातों में घुमाया जाता था या फिर नकद निकालकर वापस कर दिया जाता था। इस तरीके से वास्तविक फर्मों को भारी मात्रा में फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिलाया जाता था, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंच रहा था।
गंभीर धाराओं में दर्ज है मुकदमा
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में गठित टीम द्वारा की गई है। मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जीएसटी चोरी के नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी चोट
करीब 19 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी क्लेम और फर्जी बिलिंग नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पुलिस और कर विभाग की संयुक्त कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।


