Shamli News: शामली में 11000 रुपये के विवाद में बच्चों की बेरहमी से पिटाई

Shamli News: लिलौन गांव में दुकानदार पर बच्चों को नग्न कर मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल और कार्रवाई की मांग तेज हुई।

Pankaj Prajapati
Published on: 24 April 2026 9:24 PM IST
Shamli News: शामली में 11000 रुपये के विवाद में बच्चों की बेरहमी से पिटाई
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Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां 11000 रुपये के कथित उधार और पुरानी चुनावी रंजिश के चलते दो मासूम बच्चों के साथ बर्बरता किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।

मामला शामली के लिलौन गांव का बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार के अनुसार, गांव निवासी मोमीन के दो बच्चे 10 मार्च को घर से खेलने के लिए निकले थे। आरोप है कि गांव के ही शिवम नामक युवक ने अपने साथियों नितिन और गोलू के साथ मिलकर बच्चों को बहला-फुसलाकर बड़ी नहर के पास ले गया। वहां बच्चों के साथ मारपीट की गई और उन्हें नहर में धक्का दे दिया गया।

बच्चों को नग्न कर प्रताड़ित किया गया

बताया जा रहा है कि बच्चों में से एक तैरना जानता था, जिसकी सूझबूझ से दोनों की जान बच सकी। लेकिन आरोप यहीं खत्म नहीं होते। पीड़ितों का कहना है कि इसके बाद आरोपियों ने बच्चों को अपने घर ले जाकर बंधक बना लिया और उनके साथ फिर मारपीट की। इस दौरान बच्चों को नग्न कर प्रताड़ित किए जाने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।



वायरल वीडियो में कथित तौर पर बच्चों के साथ की गई क्रूरता साफ दिखाई दे रही है, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। बच्चों का आरोप है कि आरोपी शिवम ने 11000 रुपये के उधार का हवाला देते हुए पिटाई की, जबकि परिवार का कहना है कि ऐसा कोई उधार नहीं था। साथ ही यह भी आरोप है कि आरोपी ने उनके पिता के चुनाव लड़ने को लेकर धमकाया।

घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के पिता मोमीन मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके साथ भी गाली-गलौज किए जाने का आरोप है। इसके बाद उन्होंने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।

पीड़ित परिवार का आरोप

शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर मासूम बच्चों को न्याय कब मिलेगा। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है।

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