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Siddharthnagar News: निर्माणाधीन मछली मंडी गेट की शटरिंग गिरी, चार घायल, सपा नेता ने उठाए सवाल
Siddharthnagar News: निर्माणाधीन मछली मंडी गेट की शटरिंग गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। घटना के बाद सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं।
Siddharthnagar News(Photo-Social Media)
Siddharthnagar News: ढेबरुआ थाना क्षेत्र के तुलसियापुर कस्बे में निर्माणाधीन मछली मंडी गेट की शटरिंग गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार, तुलसियापुर चौराहे के निकट ग्राम पंचायत मदरहिया के पास निर्माणाधीन मछली मंडी गेट पर बुधवार को कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक शटरिंग भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे मजदूर आ गए। हादसे में पांच मजदूर घायल हुए, जिनमें से एक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की स्थिति, हादसे के कारणों तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद दोनों अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी और जिला अस्पताल पहुंचे, जहां भर्ती घायलों का हालचाल जाना। चिकित्सकों को घायलों के समुचित उपचार और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव प्रशासनिक सहायता का आश्वासन दिया।
इधर, समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह निर्माण कार्य प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत पंगेशियस क्लस्टर परियोजना के तहत कराया जा रहा था। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई और मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
मणेन्द्र मिश्रा ने मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, घायलों के उपचार एवं सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट कर पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


