Sitapur News: शहीद इंद्रजीत को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, अमर रहे के नारों से गूंजा इलाका

Sitapur News: श्रीनगर-कुपवाड़ा में ड्यूटी के दौरान निधन के बाद शहीद इंद्रजीत का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, हजारों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई।

Sami Ahmed
Published on: 29 March 2026 5:36 PM IST
Last farewell to martyr Indrajit with state honour, Amar Rahe Ke Naron Se Gunja area
X

शहीद इंद्रजीत को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, अमर रहे के नारों से गूंजा इलाका (Photo- Newstrack)

Sitapur News: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर-कुपवाड़ा क्षेत्र में तबीयत खराब हो जाने से शहीद हुए सीतापुर के लाल इंद्रजीत का पार्थिव शरीर आज यूपी के सीतापुर पैतृक गांव पकरिया धापूपुर लाया गया जहां राजकीय सम्मान व सैन्य परम्परा के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया गए। शहीद अग्निवीर इंद्रजीत के अंतिम दर्शन के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा।सड़को से लेकर गांव की गालियां अंतिम दर्शन करने वालो से भरी हुई थी।

हाथों में तिरंगा लेकर लोग भारत माता की जय इंद्रजीत अमर रहे के नारे लगा रहे थे।सेना के साथी जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी।शहीद की अंतिम विदाई पर परिवार वालो के साथ साथ हर किसी की आंखे नम थी।

बताते चले कि शहीद अग्निवीर इंद्रजीत के पिता अर्जुन लाल गुप्ता सेना से रिटायर्ड है वही भाई इंद्रपाल एसएसबी नेपाल बार्डर पर तैनात है।शहीद अग्निवीर इंद्रजीत का पार्थिव शरीर रविवार को सुबह हवाई जहाज से एयरपोर्ट लखनऊ लाया गया था उसके बाद सेना के वाहन से उसके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव पकरिया धापूपुर लाया गया जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।अंतिम संस्कार के दौरान प्रदेश सरकार के कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही सहित तमाम नेताओं सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे अभी ने शिकाकुल परिवार को को सांत्वना देते हुए वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।

बताते चले कि पकरिया धापूपुर के रहने वाले सेना से रिटायर्ड अर्जुन लाल गुप्ता का बेटा इंद्रजीत भारतीय थल सेना में अग्निवीर के रूप में वर्ष 2022 में भर्ती हुआ था।वह सिग्नल रेजीमेंट में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था वर्तमान समय में अग्निवीर इंद्रजीत की तैनाती जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर-कुपवाड़ा क्षेत्र में थी। बताते है कि विगत दिनों ड्यूटी के दौरान अग्निवीर इंद्रजीत की चक्कर आने से अचानक खराब हुई तबीयत के बाद उसकी मौत हो गई थी।

उनके निधन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार सहित पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।सैन्य शिविर में सारी कागजी प्रकिया पूरी करने के बाद रविवार को शहीद अग्निवीर इंद्रजीत का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव लाया गया। सेना के वाहन में रखें शाहिद अग्नि वीर इंद्रजीत का के शव को लेने के लिए हजारों की संख्या में लोग सड़क पर हाथों में तिरंगा लेकर खड़े हुए थे।

जैसे ही शहीद अग्निवीर इंद्रजीत का शव गांव के बाहर पहुंचा वैसे ही लोग भारत माता की जय,शहीद अग्निवीर इंद्रजीत अमर रहे के नारे लगाने लगे।सेना के वाहन के पीछे मानो शहीद का काफिला चल रहा हो।सेना का बैंड शोक धुन बजाता हुआ वाहन के आगे चल रहा था।गांव पहुंचने के बाद शहीद अग्निवीर इंद्रजीत का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

गांव में गमगीन माहौल के बीच हजारों की संख्या में लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने पहुंचे।सेना के जवानों ने अपने साथी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। इस दौरान हर अंतिम संस्कार में मौजूद हर आंख नम नजर आई। “भारत माता की जय” और “इंद्रजीत अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा।

Sami Ahmed
ABOUT THE AUTHOR

Sami Ahmed

Next Story