TRENDING TAGS :
उन्नाव में 'चमत्कार'! जमीन फाड़कर निकले बाबा खाटू श्याम, छात्र के एक सपने ने हिला दिया प्रशासन
Unnao Khatu Shyam miracle: उन्नाव के बिचपरी गांव में पीपल के पेड़ के नीचे से खाटू श्याम की मूर्ति मिलने से सनसनी। छात्र को सपने में मिले संकेत के बाद खुदाई में निकली मूर्ति, प्रशासन ने जांच के दिए आदेश।
Unnao Khatu Shyam miracle: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। भक्ति और आस्था के इस अनोखे मामले ने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी है। उन्नाव के हसनगंज तहसील के एक छोटे से गांव बिचपरी में कुछ ऐसा हुआ कि लोग इसे 'ईश्वरीय संकेत' मान रहे हैं। एक पीपल के पेड़ के नीचे से खाटू श्याम की मूर्ति निकलने की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते वहां भक्तों का तांता लग गया।
छात्र के सपने ने खोला राज
इस पूरी कहानी की शुरुआत एक 25 साल के युवक अमरपाल के सपने से होती है। अमरपाल इटावा में रहकर बी फार्मा की पढ़ाई कर रहा है। अमरपाल का दावा है कि पिछले कई महीनों से उसे सपने में बाबा खाटू श्याम दिखाई दे रहे थे। सपने में बाबा उसे बार-बार घर के बाहर लगे एक पुराने पीपल के पेड़ की ओर इशारा करते थे और कहते थे कि वह वहां जमीन के नीचे दबे हुए हैं। शुरुआत में तो युवक ने इसे महज एक सपना समझा, लेकिन जब यह सिलसिला रोज चलने लगा तो वह परेशान हो गया।
खुदाई होते ही दंग रह गए ग्रामीण
सपनों से तंग आकर अमरपाल 7 जनवरी को अपने घर वापस आया और परिजनों को पूरी बात बताई। पहले तो सबको यकीन नहीं हुआ, लेकिन बुधवार सुबह जब ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों ने पीपल के पेड़ के नीचे खुदाई शुरू की, तो नजारा देखकर सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं। महज डेढ़ फीट की खुदाई के बाद ही वहां से खाटू श्याम जैसी दिखने वाली एक सुंदर मूर्ति निकली। मूर्ति के बाहर आते ही पूरे गांव में 'जय श्री श्याम' के नारे गूंजने लगे।
आस्था और जांच के बीच फंसा मामला
जैसे ही यह खबर फैली, दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने आनन-फानन में उसी पीपल के पेड़ के नीचे मूर्ति को स्थापित कर दिया है, जहां लोग अब पूजा-अर्चना कर रहे हैं और चढ़ावा भी चढ़ा रहे हैं। हालांकि, इस घटना को लेकर समाज दो हिस्सों में बंट गया है। जहां एक ओर इसे बड़ी आस्था का केंद्र माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे अंधविश्वास करार दे रहे हैं। प्रशासन भी अब इस मामले में सक्रिय हो गया है। हसनगंज की एसडीएम प्रज्ञा पांडे का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी पूरी जांच कराई जाएगी कि आखिर यह मूर्ति वहां पहुंची कैसे।


