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UP BJP Mega Campaign: चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव! 17 दिन का महाअभियान शुरू
UP BJP Mega Campaign: भारतीय जनता पार्टी ने इस अभियान के लिए “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” का नारा दिया है। यह अभियान 5 जून से 21 जून तक देशभर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।
UP BJP Mega Campaign: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। संगठन और जातीय समीकरणों को दुरुस्त करने के लिए पार्टी एक बड़ा दांव चलने जा रही है। केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा एक राष्ट्रीय महाअभियान शुरू कर रही है, जिसके जरिए 17 दिनों तक सीधे जनता से संवाद किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह सिर्फ उपलब्धियां गिनाने का मौका नहीं है, बल्कि चुनाव से ठीक पहले जमीन पर उतरकर जनता का मूड भांपने की एक बड़ी रणनीतिक कोशिश है।
इस व्यापक जनसंपर्क अभियान को "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" नारा दिया गया है। यूपी सहित पूरे देश में यह कार्यक्रम 5 जून से 21 जून तक चलेगा। अभियान का आगाज 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर हर मंडल में पौधरोपण के साथ होगा। इसके बाद पार्टी के तमाम सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी गांवों का रुख करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच जाकर सरकार के कामों को बताना और सीधे तौर पर उनकी समस्याएं सुनना होगा।
गांवों में प्रवास के दौरान स्वच्छता अभियान, प्रगति पथ यात्रा और विशेष जनसंपर्क पर खासा जोर रहेगा। भाजपा कार्यकर्ताओं का पूरा फोकस ग्रामीण इलाकों में उन लोगों की पहचान करने पर होगा जो अब तक किसी वजह से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए हैं। ऐसे पात्र लोगों को तुरंत मदद पहुंचाकर योजनाओं से जोड़ा जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि समाजवादी पार्टी के पीडीए फॉर्मूले की काट के तौर पर भाजपा ने भी अपना 'पिछड़ा, दलित और अगड़ा' गठजोड़ तैयार कर लिया है। इसी रणनीति के तहत हर वर्ग के मतदाताओं को साधकर स्थानीय जातीय समीकरणों को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया जाएगा।
जनसंवाद के साथ-साथ पार्टी प्रबुद्ध वर्गों को भी साधेगी। इसी कड़ी में 16 जून को पूरे प्रदेश में 'विकसित भारत सम्मेलन' आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और युवा उद्यमियों जैसे समाज के प्रभावशाली लोगों को आमंत्रित किया जाएगा, जिसके लिए प्रदेश नेतृत्व खुद मुख्य वक्ताओं का चयन करेगा।
इसके बाद 17 से 20 जून के बीच जिला और मंडल स्तर पर सरकार के कामकाज को दर्शाने वाली प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इस दौरान 18 और 19 जून को प्राकृतिक खेती पर विशेष कार्यशालाएं भी होंगी, जहां बेहतर काम करने वाले किसानों को सम्मानित किया जाएगा। इस 17 दिवसीय महाअभियान का विधिवत समापन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के भव्य आयोजनों के साथ किया जाएगा।
एक तरफ जहां जनता के बीच जाने की व्यापक तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को भी लगातार मजबूत कर रही है। इसी बदलाव के तहत पांच अहम जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। वाराणसी की कमान राम सकल पटेल को, गोरखपुर महानगर की रमेश प्रताप गुप्ता को, अंबेडकर नगर की दिलीप देव पटेल को, चंदौली की काशीनाथ सिंह को और देवरिया की जिम्मेदारी काली प्रसाद को सौंपी गई है। संगठन में लंबे समय से सक्रिय इन नेताओं के जरिए भाजपा चुनाव से पहले अपनी जड़ों को पूरी तरह से कसने और सामाजिक समीकरणों को अपने हक में मोड़ने की मुकम्मल तैयारी कर चुकी है।


