योगी कैबिनेट के नए छह मंत्रियों का कैसा है राजनीतिक करियर? BJP की 'चेकमेट' वाली चाल

UP Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में छह नए मंत्री कौन-कौन हैं और कैसा है उनका राजनीतिक करियर...

Snigdha Singh
Published on: 10 May 2026 11:00 AM IST
योगी कैबिनेट के नए छह मंत्रियों का कैसा है राजनीतिक करियर? BJP की चेकमेट वाली चाल
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UP Cabinet Expansion: सियासी बिसात पर एक बार फिर बड़ा दांव चलने जा रही है योगी आदित्यनाथ की सरकार। सत्ता और संगठन के बीच संतुलन साधते हुए यूपी की राजनीति में आज छह नए चेहरों की एंट्री होने जा रही है। जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और 2027 की चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर किया जा रहा यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ मंत्रियों की ताजपोशी नहीं, बल्कि विपक्ष को राजनीतिक तौर पर ‘चेकमेट’ करने की बड़ी चाल माना जा रहा है। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि ये छह नए मंत्री कौन हैं, बल्कि असली चर्चा इस बात की है कि आखिर इनके राजनीतिक सफर, जनाधार और संगठन में पकड़ से बीजेपी किस नए समीकरण को साधने जा रही है। आप भी जानें-

भूपेंद्र सिंह चौधरी

जन्म: 30 जून, 1966

शिक्षाः 12वीं पास, आरएन इंटर कॉलेज

विधायक: भाजपा कोटे से MLC

राजनीतिक करियर

1990: राममंदिर आंदोलन में एक्टिव हुए।

1995: मुरादाबाद भाजपा के जिला मंत्री बने ।

1996: मुरादाबाद जिलाध्यक्ष बने ।

1999: संभल लोकसभा सीट से मुलायम सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा, हार गए।

2000: पश्चिम यूपी के क्षेत्रीय मंत्री बने ।

2011: पश्चिम यूपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष बने ।

2016: भाजपा कोटे से पहली बार MLC बने।

2017: योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने।

2019: पंचायती राज विभाग से कैबिनेट मंत्री बने।

2022: दोबारा MLC बने। योगी सरकार 2.0 में पंचायती राज विभाग से कैबिनेट मंत्री बने। कुछ समय बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने। मंत्री पद से इस्तीफा दिया।

मनोज पांडेय

जन्म: 15 अप्रैल, 1968

शिक्षाः ग्रेजुएशन, कानपुर यूनिवर्सिटी

विधायकः ऊंचाहार, रायबरेली

राजनीतिक करियर

2012: पहली बार विधायक बने। सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे।

2022: तीसरी बार विधायक बने। विधानसभा में सपा के चीफ व्हिप (मुख्य सचेतक) बने।

2024 : चीफ व्हिप पद से इस्तीफा दिया। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की।

2025: सपा से निकाले गए।

कृष्णा पासवान

जन्म: 1 अगस्त, 1963

शिक्षा: 12वीं पास

विधायकः खागा, फतेहपुर

राजनीतिक करियर

2007: भाजपा के टिकट पर किशुनपुर सीट (अब खत्म) से पहली बार विधायक बनीं।

2012: खागा सीट से विधायक बनीं।

2017: खागा सीट से दूसरी बार, कुल तीसरी बार विधायक बनीं।

2022: चौथी बार खागा से विधायक बनीं।

हंसराज विश्वकर्मा

जन्म: 31 जुलाई, 1972

शिक्षाः ग्रेजुएशन, काशी विद्यापीठ

विधायकः विधान परिषद के मनोनीत सदस्य ।

राजनीतिक करियर

1990: राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय हुए। कल्याण सिंह के नजदीकी रहे।

2002: कल्याण सिंह की राष्ट्रीय क्रांति पार्टी से वाराणसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, हार गए।

2004: भाजपा में शामिल हुए।

2016: वाराणसी के जिलाध्यक्ष बने।

2023: तीसरी बार वाराणसी के जिलाध्यक्ष बने। राज्यपाल ने विधान परिषद के लिए मनोनीत किया।

सुरेंद्र दिलेर

जन्म: 15 मार्च, 1967

शिक्षाः पीएचडी, लखनऊ यूनिवर्सिटी

विधायकः खैर, अलीगढ़

राजनीतिक करियर

2010 से 2021: पिता राजवीर सिंह दिलेर के लिए हाथरस लोकसभा सीट पर बूथ मैनेजमेंट करते रहे।

2022: विधानसभा चुनाव में टिकट मांगा लेकिन पिता के हाथरस सांसद होने की वजह से नहीं मिला।

2024: पिता राजवीर की मृत्यु के बाद खैर विधायक को हाथरस लोकसभा सीट से टिकट मिला। उनकी जीत से खैर सीट खाली हुई। उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर विधायक बने। ट मिला। उनकी जीत से खैर सीट खाली हुई। उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर विधायक बने।

कैलाश सिंह राजपूत

जन्म: 1 अगस्त 1956

शिक्षाः एलएलबी

विधायक: तिर्वा, कन्नौज

राजनीतिक करियर

1996: तिर्वा सीट पर भाजपा से कैलाश राजपूत ने चुनाव लड़े, जीत गए।

2007: कैलाश राजपूत ने बसपा के टिकट पर तिर्वा से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

2017: कैलाश राजपूत ने भाजपा से तिर्वा से चुनाव जीता।

2022: तिर्वा विधानसभा से भाजपा विधायक बने।

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