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UP Police Exam: एआई तकनीक और एसटीएफ की निगरानी में होगी सिपाही भर्ती परीक्षा, 30 हजार से अधिक कैमरों से होगी पल-पल की मॉनिटरिंग
UP Police Constable Exam: यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2026 के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। एआई निगरानी और एसटीएफ की मौजूदगी से परीक्षा निष्पक्ष कराई जाएगी।
UP Police Constable Exam
UP Police Constable Exam: उत्तर प्रदेश में 8, 9 और 10 जून को आयोजित होने जा रही पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए अत्याधुनिक एआई तकनीक, विशेष निगरानी व्यवस्था और एसटीएफ की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इस संबंध में एनडीटीवी इंडिया ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के डीआईजी सत्यार्थ पंकज से विशेष बातचीत की।
डीआईजी सत्यार्थ पंकज ने बताया कि सिपाही भर्ती के 32,679 पदों के लिए लगभग 28 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा प्रदेश के सभी 75 जनपदों में स्थापित 1,183 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए बहुस्तरीय नियंत्रण व्यवस्था बनाई गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जबकि जिला स्तर पर भी अलग कंट्रोल रूम संचालित होंगे। इसके अतिरिक्त भर्ती बोर्ड के केंद्रीय कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
परीक्षा केंद्रों और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में डीआईजी ने बताया कि परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए सभी कर्मियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर अपना प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र और बॉल पेन लेकर पहुंचना होगा। वहीं जांच एवं निगरानी कार्य में लगे कर्मचारियों के लिए विशेष प्रवेश पत्र और अधिकृत पहचान पत्र जारी किए गए हैं। केवल इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उन्हें प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों का पूर्व सत्यापन और सुरक्षा परीक्षण भी कराया गया है, जिसके बाद ही उन्हें परीक्षा आयोजन के लिए स्वीकृत किया गया है।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। डीआईजी के अनुसार प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण की पूरी प्रक्रिया गोपनीय रखी गई है। प्रश्नपत्रों को राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में उनके अधिकृत वाहनों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए निर्धारित मार्गों और समय-सीमा का कड़ाई से पालन कराया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी लीक होने या सुरक्षा में सेंध लगाने की संभावना समाप्त की जा सके।
परीक्षा में एसटीएफ की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को भी इस पूरी प्रक्रिया में लगाया गया है। एसटीएफ अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करते हुए परीक्षा की सुरक्षा और निगरानी में सहयोग करेगी।
नकल माफिया, सॉल्वर गैंग और अन्य गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए डीआईजी सत्यार्थ पंकज ने कहा कि उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू हैं। यदि कोई सॉल्वर या परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ करोड़ों रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक की सजा का भी प्रावधान है। पहली बार अपराध साबित होने पर भी 10 वर्ष तक की सजा दी जा सकती है, जबकि पुनरावृत्ति की स्थिति में और अधिक कठोर कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि परीक्षा की निगरानी के लिए त्रिस्तरीय कंट्रोल रूम व्यवस्था बनाई गई है। प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर लगे 30 हजार से अधिक कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जाएगी। सभी कैमरों की लाइव फीड कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी। इसके साथ ही एआई आधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामान्य स्थिति का स्वतः पता लगाकर तत्काल अलर्ट जारी करेगा। अलर्ट मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने विश्वास जताया कि व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी निगरानी और कड़े कानूनी प्रावधानों के कारण परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होगी।


