TRENDING TAGS :
Uttar Pradesh: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ यूपी में उबाल, फूंके गए पुतले
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचार के विरोध में यूपी के कई जिलों में प्रदर्शन, नारेबाजी और पुतला दहन किया गया।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचार और दो दलित हिंदू युवकों की हत्या के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज और महराजगंज के परतावल क्षेत्र में संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर बांग्लादेश सरकार के खिलाफ विरोध जताया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के खिलाफ मेरठ में उबाल, सड़कों पर उतरे लोग
सुशील कुमार
मेरठ,26 दिसंबर। बांग्लादेश में हाल ही में हुए निर्मम हत्याकांड और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचारों के विरोध में शुक्रवार को मेरठ में गुस्से का सैलाब सड़कों पर दिखाई दिया। माधवपुरम क्षेत्र में सैकड़ों लोगों ने एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और बांग्लादेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पड़ोसी देश में जिस तरह से निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, वह न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि पूरी मानवता के लिए शर्मनाक है। आक्रोशित भीड़ ने सांकेतिक रूप से बांग्लादेश सरकार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान हत्याकांड में मारे गए निर्दोष लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकृष्ट करने का प्रयास किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा नेता हर्ष वशिष्ठ ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि निर्दोषों की हत्या सभ्य समाज पर कलंक है और यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भयावह हो सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) से मांग की कि वह इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करे और बांग्लादेश में मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करे। इस प्रदर्शन में संदीप गुप्ता, सचिन चौधरी, राहुल जोशी, नवीन अग्रवाल, हिमांशु यादव, रमाकांत, शिवम पंजाबी, नितिन तिवारी, अजय शर्मा, कृष्णा यादव, साहिल शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों का आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ डुमरियागंज में आक्रोश, प्रदर्शन कर फूंका पुतला
संवाददाता इंतेजार हैदर
सिद्धार्थनगर। बांग्लादेश में दो दलित हिंदू युवकों की हत्या तथा वहां रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित संगठित अत्याचार के विरोध में शुक्रवार को डुमरियागंज में जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यह प्रदर्शन कर्म योगी परिवार के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के नवयुवकों ने भाग लिया।
कर्म योगी परिवार के बैनर तले प्रदर्शनकारी डुमरियागंज ब्लाक परिसर में एकत्रित हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए जुलूस मंदिर चौराहे तक पहुंचा, जहां बांग्लादेश सरकार का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो, दोषियों को सजा दो और बांग्लादेश सरकार जवाब दे जैसे नारे लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं और वहां की सरकार उन्हें सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। इससे वहां रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।
कर्म योगी परिवार के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि बांग्लादेश सरकार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाया जाए, ताकि मृतक हिंदू युवकों को न्याय मिल सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
अंगद त्रिपाठी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। दीपू और अमृत मंडल की हत्या इस बात का प्रमाण है कि वहां अल्पसंख्यक हिंदू सुरक्षित नहीं हैं।
चेयरमैन धर्मराज वर्मा ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ सुनियोजित तरीके से हिंसा, हत्या और उत्पीड़न किया जा रहा है, जो अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने इसे पूरे हिंदू समाज के आत्मसम्मान पर हमला बताया। इस दौरान अजय चौधरी, प्रमोद गौतम, प्रेम यादव, सुनील गुप्ता, प्रेम शर्मा, राजकुमार भट्ट, राजन अग्रहरि, राजन सिंह, दद्दन वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
महराजगंज : बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, फूंका पुतला
संवाददाता : उपेंद्र कुमार
महराजगंज : बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचार और उत्पीड़न के विरोध में नगर पंचायत परतावल में शुक्रवार को आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने एकजुट होकर विरोध जताया और बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन कर अपना आक्रोश प्रकट किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदुओं की सुरक्षा की मांग उठाई।
प्रदर्शन की शुरुआत परतावल क्षेत्र में भ्रमण के साथ हुई। पिपराइच रोड, कप्तानगंज रोड, हॉस्पिटल रोड और परतावल चौराहा रोड से गुजरते हुए प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में हो रहे हिंदू उत्पीड़न के विरोध में नारे लगाए। “हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो”, “धर्म के नाम पर हिंसा नहीं चलेगी” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। इसके बाद परतावल चौराहे पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन किया।
इस मौके पर पूर्व सांसद प्रतिनिधि काशीनाथ सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के साथ जो व्यवहार हो रहा है, वह अत्यंत निंदनीय और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में धर्म के आधार पर उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं हो सकता।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हुए यह संदेश दिया कि हिंदू समाज एकजुट है और जहां भी किसी समुदाय पर अन्याय होगा, उसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता के समर्थन में है।
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व सांसद प्रतिनिधि काशीनाथ सिंह के साथ विनय सिंह (सभासद), सोहन चौधरी, संजय जायसवाल, बलराम गुप्ता, छवि नाथ मद्धेशिया, आशु सिंह, दीपक सिंह, मित्तन साहनी, सूर्यभान, कृपाल बाबा, शेरु और राजन वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में बांग्लादेश में हो रहे हिंदू उत्पीड़न की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए स्थानीय प्रशासन सतर्क रहा और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही। अंत में प्रदर्शनकारियों ने यह संकल्प लिया कि जब तक बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को न्याय और सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक इस मुद्दे पर आवाज उठाई जाती रहेगी।


