Varanasi News: किसान अपनी आवश्यकतानुसार ही उर्वरकों का क्रय करे-सूर्य प्रताप शाही

Varanasi News: किसी भी उर्वरक विक्रेता के द्वारा प्रमुख उर्वरक यूरिया एवं डीएपी के साथ अन्य गैर अनुदानित उत्पादों की टैगिंग कदापि न किया जाए। साथ ही प्रमुख सचिव कृषि द्वारा निर्देशित किया गया है।

Ajit Kumar Pandey
Published on: 8 Aug 2025 8:32 PM IST
Varanasi News: किसान अपनी आवश्यकतानुसार ही उर्वरकों का क्रय करे-सूर्य प्रताप शाही
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किसान अपनी आवश्यकतानुसार ही उर्वरकों का क्रय करे-सूर्य प्रताप शाही   (photo: social media ) 

Varanasi News: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही एवं प्रमुख सचिव कृषि द्वारा उर्वरकों के उपलब्ध एवं वितरण के संबंध में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया है कि विगत खरीफ़ वर्ष के सापेक्ष जिन उर्वरक विक्रेताओं के द्वारा वर्तमान खरीफ में अधिक उर्वरकों की बिक्री की गई है उनके वितरण का सत्यापन कृषकवार किया जाय। इसी के साथ-साथ यह भी निर्देशित किया गया है कि किसान भाइयों को निर्धारित दर पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। किसी भी उर्वरक विक्रेता के द्वारा प्रमुख उर्वरक यूरिया एवं डीएपी के साथ अन्य गैर अनुदानित उत्पादों की टैगिंग कदापि न किया जाए। साथ ही प्रमुख सचिव कृषि द्वारा निर्देशित किया गया है।

प्रमुख उर्वरक यूरिया एवं डीएपी के साथ अन्य गैर अनुदानित उत्पादों की टैगिंग कदापि न किया जाए कि जनपद के प्रवर्तन दल के सभी सदस्य सतत रूप से उर्वरक वितरण पर निगरानी रखें कहीं भी किसी भी उर्वरक विक्रेता के द्वारा निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री की जाती है या किसी अन्य गैर अनुदानित उत्पाद की टैगिंग की जाती है अथवा उर्वरक डायवर्सन का प्रकरण प्रकाश में आता है तो संबंधित के विरुद्ध तत्काल उर्वरक गुण नियंत्रण के अधीन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

प्रदेश के कृषि मंत्री एवं प्रमुख सचिव कृषि ने उर्वरकों के उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसान भाइयों को आश्वस्त किया है कि जनपद में किसी भी उर्वरक की आपूर्ति में कमी नहीं की जाएगी किसान भाइयों के मांग के अनुसार समय से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित का कराई जाएगी, साथ ही सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि किसान भाई अपनी आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का क्रय करे। आवश्यकता से अधिक उर्वरकों के प्रयोग करने से मृदा एवं पर्यावरण के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, साथ ही खेती की लागत में वृद्धि होती है।

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