Varanasi Oxygen Park: वाराणसी में बनेगा UP का सबसे बड़ा 130 फिट ऊंचा शिवलिंग! 104 करोड़ के हाईटेक ऑक्सीजन पार्क को मंजूरी

Varanasi Oxygen Park: वाराणसी के भेलूपुर जलकल परिसर की 20 एकड़ भूमि पर ₹104 करोड़ की लागत से एक भव्य ऑक्सीजन पार्क बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस पार्क में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा 130 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा, जिस पर रोजाना लेजर शो होगा। इसके साथ ही पार्क में म्यूजियम, तारामंडल और लाइब्रेरी जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी।

Harsh Srivastava
Published on: 3 Jun 2026 10:38 AM IST (Updated on: 3 Jun 2026 10:39 AM IST)
Varanasi Oxygen Park: वाराणसी में बनेगा UP का सबसे बड़ा 130 फिट ऊंचा शिवलिंग! 104 करोड़ के हाईटेक ऑक्सीजन पार्क को मंजूरी
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Varanasi Oxygen Park: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी की पहचान अब एक नए और आधुनिक रूप में दुनिया के सामने आने वाली है। वाराणसी की आध्यात्मिक विरासत को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ते हुए शहर के बीचों-बीच स्थित भेलूपुर जलकल परिसर की 20 एकड़ भूमि पर एक बेहद खूबसूरत ऑक्सीजन पार्क बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। यह पार्क केवल पेड़-पौधों और हरियाली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक बड़े कम्युनिटी सेंटर और अध्यात्म के अद्भुत केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महाप्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यहां उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और भव्य शिवलिंग स्थापित किया जाएगा, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा। चूंकि काशी साक्षात भगवान शिव की नगरी है, इसलिए नगर निगम की ओर से इस विशाल शिवलिंग की स्थापना कर 'शिवनगरी' की वैश्विक पहचान को एक नई मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है।

130 फीट ऊंचे शिवलिंग की खासियत और भव्य लेजर शो

इस अत्याधुनिक पार्क के निर्माण पर करीब 104 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस परिसर में स्थापित होने वाले भव्य शिवलिंग की ऊंचाई 130 फीट तय की गई है। इसके चारों तरफ आकर्षक रास्ते और घनी हरियाली विकसित की जाएगी। स्थानीय प्रशासन इस बात का भी बारीकी से अध्ययन कर रहा है कि यदि देश या दुनिया में इससे ऊंचा कोई शिवलिंग है, तो इसे और ऊंचा कर विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस विशाल शिवलिंग की बनावट और सुंदरता को और निखारने के लिए इस पर रोजाना एक भव्य लेजर शो का आयोजन भी किया जाएगा, जो शाम के समय पर्यटकों को आकर्षित करेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को आगामी दिसंबर या जनवरी महीने तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।


म्यूजियम, तारामंडल और काशी के महापुरुषों का इतिहास

इस पार्क के भीतर सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कृति का भंडार भी देखने को मिलेगा। यहां एक विशेष ओपन आर्ट गैलरी बनाई जाएगी, जहां बनारस के प्रसिद्ध संगीत घरानों से जुड़े उन कलाकारों के बारे में जानकारियां मिलेंगी जिन्होंने वैश्विक स्तर पर काशी का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही, वाराणसी की धरती पर जन्म लेने वाले महापुरुषों के इतिहास और उनके जीवन को सुंदर चित्रों, भित्तिचित्रों (वॉल म्युरल्स) और मूर्तियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। भविष्य में इस पार्क के अंदर काशी की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाने वाला एक म्यूजियम और एक शानदार तारामंडल (प्लैनेटेरियम) बनाने की भी योजना है। स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए यहां बनारसी हस्तशिल्प और प्रसिद्ध उत्पादों के विशेष स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं

स्थानीय नागरिकों, युवाओं और छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस ऑक्सीजन पार्क में कई प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए यहां हाईटेक झूले लगाए जाएंगे, तो वहीं बड़ों और युवाओं के टहलने के लिए एक बहुत बड़ा सिंथेटिक पाथवे तैयार किया जाएगा। पार्क में आने वाले लोग परिवार के साथ समय बिता सकें, इसके लिए बैठने के सुंदर स्थान (गजीबो) और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए एक बड़ा फूड कोर्ट व फूड प्लाजा भी बनाया जाएगा। इसके अलावा, बुजुर्गों के लिए एक शांत वातावरण में विशेष लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, यह पार्क काशी के लोगों के लिए एक ऐसा अनूठा स्थान होगा, जहां सुबह के समय छात्र और बच्चे आकर अपनी संस्कृति के बारे में सीख सकेंगे और शाम को लोग अपने परिवार के साथ सुकून के पल बिता सकेंगे।


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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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