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हॉर्मुज स्ट्रेट में मचा हड़कंप: ईरान ने तीन मालवाहक जहाजों को बनाया निशाना, दो पर किया कब्जा
Strait of Hormuz: ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कार्गो शिप पर हमला किया है। बुधवार को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन जहाजों पर हमला कर उनमें से दो को जब्त कर लिया है।
Strait of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके बाद अब ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कार्गो शिप पर हमला किया है। बुधवार को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन जहाजों पर हमला कर उनमें से दो को जब्त कर लिया है।
तीन अलग-अलग मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया
सूत्रों के अनुसार, हॉर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, वहां तीन अलग-अलग मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमले ड्रोन या मिसाइल के जरिए किए गए हो सकते हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। हमले के बाद जहाजों पर आंशिक नुकसान की खबर है और सुरक्षा कारणों से कई अन्य जहाजों ने अपनी यात्रा रोक दी है या मार्ग बदल लिया है।
जहाज ईरानी तट के पास फंसा हुआ बताया
वहीं बाद में ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि इन जहाजों को IRGC की निगरानी में लेकर ईरान ले जाया जा रहा है। इनकी पहचान MSC Francesca और Epaminondas के रूप में की गई। इसके बाद, ईरान की समाचार एजेंसियों नूर न्यूज़, फ़ार्स और मेहर ने बताया कि IRGC ने एक तीसरे जहाज़ Euphoria पर भी हमला किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जहाज ईरानी तट के पास फंसा हुआ बताया गया है, हालांकि इस पर ज्यादा जानकारी नहीं दी गई।
जहाज पर हुई भारी गोलीबारी
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि जहाज के कैप्टन ने सूचना दी कि IRGC की एक गनबोट उनके जहाज के करीब आई और जहाज पर भारी गोलीबारी की, जिससे जहाज के ब्रिज को भारी नुकसान पहुंचा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी हलचल पैदा कर दी
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में भी हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। किसी भी तरह की बाधा से तेल की कीमतों में तेजी आने की संभावना रहती है, और यही चिंता अब वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
इस घटना पर ईरान का कोई आधिकारिक बयान नहीं
ईरान की ओर से इस घटना पर अब तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव पहले से ही काफी उच्च स्तर पर बना हुआ था। पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में कई सैन्य और राजनीतिक घटनाएं देखने को मिली हैं, जिससे स्थिति लगातार अस्थिर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला उसी व्यापक तनाव का हिस्सा हो सकता है, जो क्षेत्रीय शक्ति संघर्ष और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से जुड़ा हुआ है।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है। हालांकि इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयासों से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है या यह संघर्ष और गहराता है।


