Chandra Grahan Ke Fayde-Nuksan: चंद्र ग्रहण के फायदे और नुकसान क्या होते हैं, जानिए?

Chandra Grahan Ke Fayde Aur Nuksan: 7 सितंबर का चंद्र ग्रहण कई मायनों में खास है, इस ग्रहण पर कुछ फायदे और नुकसान होते है जिन्हे जानकर कर सतर्क रहना चाहिए जानिए

Suman  Mishra
Published on: 6 Sept 2025 12:47 PM IST
Chandra Grahan Ke Fayde-Nuksan
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Chandra Grahan Ke Fayde-Nuksan

Chandra Grahan Ke Fayde Aur Nuksan साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को लगने वाला है। विज्ञान और धर्म के अनुसार भी ग्रहण बहुत महत्व खास है। इस दिन ग्रहण रात 9 .57 मिनट से शुरू होकर 1 .26 मिनट तक चलेगा। भारत में यह पूर्ण चंद्रग्रहण दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा। ग्रहण के समय नेचर और ऊर्जा का बदलाव होता है। इस बदलाव का असर मनुष्य जीवन पर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि जानें चंद्रग्रहण के दिन किन बातों ध्यान रखकर लाभ उठाए और इसके होने वाले नुकसान से बचें। 7 सितंबर 2025 के चंद्रग्रहण में नुकसान से बचने के लिए पूजा-पाठ, नकारात्मक संगति, झगड़े, शारीरिक संबंध और नुकीली वस्तुओं से दूरी बनाएं। लाभ पाने के लिए – दान, मंत्रजप, धार्मिक पाठ और स्नान जैसे कार्य करें। जानिए ...

चंद्रग्रहण के फायदे क्या हो सकते है?

ग्रहण के समय दान करना सबसे शुभ माना गया है। चावल, दूध, घी, सफेद वस्त्र और चांदी का दान करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और चंद्र दोष भी दूर होता है।

ग्रहण के दौरान किया गया मंत्रजप सामान्य दिनों से कई गुना फल देता है।

महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

चंद्रमा के लिए मंत्र – "ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः" का जप लाभकारी होता है।अपने इष्ट देव का नाम जप भी शुभ फल देता है।

इस समय पितरों के निमित्त श्राद्ध, हवन और तर्पण करना पुण्यदायी है। धार्मिक पुस्तकों जैसे गीता, रामायण या शिवपुराण का पाठ करने से भी आत्मिक शांति मिलती है।

ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करना अनिवार्य माना गया है। इससे शरीर और मन की अशुद्धि दूर होती है। घर और पूजा स्थल में गंगाजल का छिड़काव करने से नकारात्मक ऊर्जा हटती है।

गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी उपाय ग्रहण के दौरान धार्मिक मंत्रों का जाप करें। घर के अंदर ही रहें और किसी भी प्रकार का शारीरिक परिश्रम न करें। सकारात्मक विचारों पर ध्यान लगाएं।

चंद्रग्रहण के नुकसान

ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है। इस कारण देवी-देवताओं की प्रतिमा को छूना या पूजा करना अशुभ माना जाता है। घर के पूजा स्थल को ढककर रखना चाहिए।

तुलसी, पीपल और बरगद जैसे पवित्र पेड़ों को छूना वर्जित है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से दोष लगता है।

इस समय गुस्से, बहसबाजी या नकारात्मक लोगों से मिलना हानिकारक माना गया है। इससे परिवार और संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।

ग्रहण काल में शारीरिक संबंध बनाने से सेहत और मानसिक शांति प्रभावित हो सकती है। दंपत्ति जीवन में भी कलह बढ़ने की आशंका रहती है।

धारदार की चीजे चाकू, कैंची, सुई जैसी चीजें इस समय प्रयोग नहीं करनी चाहिए। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से अशुभ है बल्कि दुर्घटना का कारण भी बन सकता है।

ग्रहण काल को अशुद्ध समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान नाखून या बाल काटना निषेध है।

ग्रहण की छाया गर्भवती महिलाओं पर प्रतिकूल मानी जाती है। उन्हें बाहर नहीं निकलना चाहिए और नुकीली वस्तुओं को भी हाथ में नहीं लेना चाहिए। इससे आने वाले समय में परेशानी बढ़ सकती है।

नोट: ये जानकारियां धार्मिक आस्था और मान्यताओं पर आधारित हैं, Newstrack.com इसकी पुष्टि नहीं करता है।इसे सामान्य रुचि को ध्यान में रखकर लिखा गया है।

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Suman Mishra

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

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