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Hariyali Amavasya Upay: हरियाली अमावस्या पर किये जाने वाले ये उपाय है रामबाण, इनसे दूर होगा जीवन का अंधकार, जानें...
Hariyali Amavasya Upay सावन हरियाली अमावस्या साल की 12 अमावस्या की तरह ही इस दिन जल पितरों को तर्पण और पिंड दान किया जाता है।
Hariyali Amawasya Upay: सावन माह में हरियाली अमावस्या के दिन वृक्षों का पूजन और वृक्षारोपण किया जाता है। अमावस्या की तरह श्रावणी अमावस्या पर भी पितरों की शांति के लिए पिंडदान और दान-धर्म का महत्व है। इस माह का हर दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसमें अमावस्या भी शामिल है। सावन में पड़ने की वजह से इस अमावस्या को श्रावणी अमावस्या कहते हैं। सावन में हर तरफ हरियाली छा जाती है, इसलिए इसे हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है।
हरियाली अमावस्या के उपाय
हरियाली अमावस्या के दिन शाम को घर में ईशान कोण में घी का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और दरिद्रता नष्ट होती है। लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए रात में पूजा करते समय थाली में ऊं या स्वास्तिक का चिह्न बनाएं और उस पर महालक्ष्मी यंत्र रखें।
हरियाली अमावस्या पर शनिदेव के नाम पर दीपकर जलाने से या आटे के दीपक जलाकर नदी में प्रवाहित करने से जीवन से अंधकार दूर होता हैं और खुशियों का आगमन होता है।
हरियाली अमावस्या पर पितरों तर्पन देना चाहिए। इस अन्न दान जल से पूर्वजों की आत्मा तृप्त होती है इस दिन किसी जरूरतमंदों को चावल, गेहूं, ज्वार का दान करना चाहिए। साथ ही किसी ब्राह्रणों को भोजन कराएं।
इस दिन किसी नदी या तालाब में जाकर मछली को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं, चीटियों को चीनी या सूखा आटा खिलाएं। सावन माह में चींटियों और मछलियों जैसे जीवों को कुछ खिलाना अच्छा रहता है।
सावन की अमावस्या के दिन किसी हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए, साथ ही हनुमान जी को सिंदूर का चोला और चमेली का तेल चढ़ाए। ऐसा करने से परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
हरियाली अमावस्या पर पूजा-विधि
हरियाली अमावस्या के दिन स्नान-दान के साथ भगवान शिव और विष्णु जी की पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति होगी। सावन अमावस्या के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की विधिवत पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी। इस दिन शिवलिंग में गंगाजल, जल, दूध, दही, बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र, आक का फूल, भस्म, कनेर का फूल आदि चढ़ाने के साथ मौसमी फल के साथ भोग लगाएं। इसके बाद घी का दीपक और अगरबत्ती जलाकर शिव चालीसा , शिव मंत्र के बाद शिव आरती कर लें। अंत में भूल चूक के लिए माफी मांग लें। फिर प्रसाद का वितरण कर दें। इसके साथ ही इस दिन रुद्राभिषेक के साथ हनुमान जी की पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है।
मान्यता है कि सावन माह में पड़ने वाली हरियाली अमावस्या के दिन पेड़-पौधे लगाना बेहद शुभ होता है। हरियाली अमावस्या के दिन पीपल, बरगद, केला, नींबू, तुलसी और आंवला जैसे पेड़-पौधे लगाने का धार्मिक महत्व है। क्योंकि इन वृक्षों पर देवी-देवताओं का वास होता है। इसलिए इस दिन इन पेड़-पौधों को लगाने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित होता है। इसलिए हरियाली अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान करना भी उत्तम माना जाता है।
नोट : ये जानकारियां धार्मिक आस्था और मान्यताओं पर आधारित हैं। Newstrack.com इसकी पुष्टि नहीं करता है।इसे सामान्य रुचि को ध्यान में रखकर लिखा गया है


