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अनंत सिंह की 'बाहुबली' संपत्ति! 100 करोड़ के मालिक है छोटे सरकार, शाही सवारी जान रह जाएंगे दंग
Anant Singh Wealth: बिहार चुनाव 2025 में मोकामा से जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह उर्फ ‘छोटे सरकार’ फिर सुर्खियों में हैं। 100 करोड़ की संपत्ति, लग्जरी कारें, बग्घी और शाही शौक के साथ-साथ उन पर लगे हत्या और आपराधिक आरोपों ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है।
Anant Singh Wealth: बिहार विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच मोकामा की धरती पर एक बार फिर खून-खराबा लौट आया है। मोकामा, जो हमेशा से बाहुबलियों की चुनावी जंग का गवाह रहा है, इस बार फिर सियासी हिंसा की चपेट में है। एनडीए की ओर से जेडीयू के उम्मीदवार अनंत सिंह, जिन्हें उनके समर्थक 'छोटे सरकार' या अब 'दादा' कहकर पुकारते हैं, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है चुनाव प्रचार के दौरान हुई एक सनसनीखेज हत्या। 64 वर्षीय अनंत सिंह की छवि दशकों से बाहुबली की रही है, और उनके खिलाफ मोकामा सीट पर मुख्य मुकाबले में आरजेडी ने वीणा देवी को उतारा है, जो खुद बाहुबली नेता सूरजभान सिंह की पत्नी हैं। इन दोनों बाहुबली परिवारों के बीच की यह जंग अब चुनावी हिंसा का रूप ले चुकी है।
प्रचार के दौरान हत्या, आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला
गुरुवार को मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान दो गुटों में भीषण भिड़ंत हुई, जिसमें दुलारचंद यादव नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई। दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे, जो मोकामा से अनंत सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इस हत्या के बाद राजनीति तेज हो गई है और आरोप सीधे तौर पर अनंत सिंह पर लगाए जा रहे हैं। मोकामा की यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि इस क्षेत्र में बाहुबलियों के बीच गैंगवार कोई नई बात नहीं है, खासकर चुनाव के समय। हालांकि, अनंत सिंह ने तुरंत इस आरोप से इनकार करते हुए पलटवार किया है। उनका कहना है कि इस हत्याकांड के पीछे उनके प्रतिद्वंद्वी सूरजभान सिंह की गहरी साज़िश है। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच मोकामा की जनता भय और आक्रोश के माहौल में है, जहाँ पहले चरण में 6 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।
अनंत सिंह की 'बाहुबली' संपत्ति: 100 करोड़ के मालिक
अनंत सिंह केवल आपराधिक मुकदमों (हलफनामे के अनुसार 28 मुकदमे) में ही नहीं, बल्कि संपत्ति के मामले में भी 'बाहुबली' हैं। उनके चुनावी हलफनामे से पता चलता है कि उनके परिवार के पास कुल चल और अचल संपत्ति लगभग 100 करोड़ रुपये की है। जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह खुद करोड़ों के मालिक हैं, उनके पास करीब 26.66 करोड़ रुपये की चल और 11.22 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। दिलचस्प बात यह है कि संपत्ति के मामले में उनकी पत्नी नीलम देवी उनसे भी अधिक धनवान हैं। उनके पास 13.07 करोड़ रुपये की चल और 49.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। हालाँकि, यह 'बाहुबली' जोड़ा कर्जदार भी है। अनंत सिंह पर 27.49 करोड़ रुपये का और उनकी पत्नी पर 23.51 करोड़ रुपये का लोन है।
Land Cruiser और 91 लाख के गहनों का शौक
अनंत सिंह की लाइफस्टाइल भी किसी 'छोटे सरकार' से कम नहीं है। चुनाव प्रचार के दौरान वह अक्सर अपनी 2.70 करोड़ रुपये से अधिक की टोयटा लैंड क्रूजर कार में नज़र आते हैं। उनके काफिले में अक्सर 30 से अधिक गाड़ियाँ होती हैं। महंगी कारों के अलावा, उन्हें सोना-चांदी का भी भरपूर शौक है। दोनों पति-पत्नी के पास मिलाकर करीब 91 लाख रुपये के जेवरात हैं। अकेले उनकी पत्नी नीलम देवी के पास 701 ग्राम सोने के जेवरात हैं, जिनकी कीमत 62 लाख रुपये से अधिक है। इसके साथ ही अनंत सिंह शेयर बाजार में एक बड़े निवेशक भी हैं। उन्होंने बॉन्ड, शेयर बाजार और विभिन्न कंपनियों में करीब 10 करोड़ रुपये का निवेश किया हुआ है, जबकि उनकी पत्नी का निवेश भी 21 लाख रुपये का है।
बग्घी, हाथी और घोड़े: 'छोटे सरकार' की शाही सवारी
अनंत सिंह का शौक केवल महंगी गाड़ियों तक सीमित नहीं है। उन्हें हाथी और घोड़े पालने का भी बहुत शौक है। वे कई बार घोड़े की सवारी करते हुए दिखाई दिए हैं, और एक बार तो बिहार विधानसभा में उनकी बग्घी से एंट्री ने खूब सुर्खियां बटोरी थी। चुनावी हलफनामे में उन्होंने गाय, भैंस और हाथी होने की बात कही है, जिसकी कीमत 1.90 लाख रुपये आंकी गई है। उनकी यह 'शाही' जीवनशैली मोकामा के मतदाताओं के बीच हमेशा चर्चा का विषय रहती है। अनंत सिंह के पास 15.61 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 34.60 लाख रुपये नकद हैं। उनके पास तीन लग्जरी SUV वाहन हैं, जिनकी कुल कीमत 3.23 करोड़ रुपये है।
अनंत सिंह का मोकामा की राजनीति पर 1990 से 5 बार विधायक रहने का लम्बा इतिहास है। उनका परिवार इस सीट पर लगभग तीन दशकों से अपना दबदबा बनाए हुए है, भले ही 2020 में उनकी पत्नी ने आरजेडी के टिकट पर सीट जीती थी। मोकामा का यह चुनाव सिर्फ दो दलों की नहीं, बल्कि दो बाहुबली परिवारों के वर्चस्व की लड़ाई है, और इस बार की खूनी हिंसा ने इसे और भी तनावपूर्ण बना दिया है।


