Bihar Audio Viral: "मैं भाई वीरेंद्र हूं, पूरा हिंदुस्तान जानता है!" विधायक की धमकी का ऑडियो वायरल, सचिव को जूते से मारने की दी धमकी

Bihar Audio Viral: बिहार के मनेर से RJD विधायक भाई वीरेंद्र का एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें वह पंचायत सचिव को जूते से मारने की धमकी देते सुनाई दे रहे हैं। पूरा मामला सोशल मीडिया पर बवाल बन चुका है।

Harsh Srivastava
Published on: 28 July 2025 12:00 PM IST (Updated on: 28 July 2025 2:51 PM IST)
Bihar Audio Viral: मैं भाई वीरेंद्र हूं, पूरा हिंदुस्तान जानता है! विधायक की धमकी का ऑडियो वायरल, सचिव को जूते से मारने की दी धमकी
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Bihar Audio Viral: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है, और इस बार वजह हैं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के फायरब्रांड नेता और मनेर के विधायक भाई वीरेंद्र। सोशल मीडिया पर एक ऐसा ऑडियो वायरल हुआ है जिसे सुनकर हर कोई चौंक गया है। इस ऑडियो में विधायक साहब न सिर्फ अपने रुतबे की धौंस दिखा रहे हैं, बल्कि एक पंचायत सचिव को जूतों से मारने की धमकी देते भी सुने जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, सचिव भी कम नहीं निकले—उन्होंने सीधा कह दिया, "सम्मान से बात करेंगे तो ही बात होगी।" यह ऑडियो अब पूरे बिहार में चर्चा का केंद्र बन गया है और लोग सवाल पूछ रहे हैं, क्या जनप्रतिनिधियों की भाषा ऐसी होनी चाहिए?।

"मैं भाई वीरेंद्र हूं! मुझे पहचानने से मना करेगा?"

ऑडियो की शुरुआत होती है एक फोन कॉल से, जिसमें विधायक साहब पंचायत सचिव से बात कर रहे हैं। वो पूछते हैं कि "रिंकी देवी के मृत्यु प्रमाणपत्र की क्या स्थिति है?" सचिव जवाब में उन्हें पहचानने से इनकार कर देता है। बस फिर क्या था—भाई वीरेंद्र भड़क उठते हैं। कहते हैं, "तू नहीं जानता कौन हूं मैं? मुझे अपना परिचय देना पड़ेगा? पूरा हिंदुस्तान जानता है मुझे!" वो यहीं नहीं रुके। गुस्से में तमतमाए विधायक बोले, "इंग्लैंड से हो क्या रे? टेढ़िया है तू? मनेर के विधायक को नहीं जानता?" एक ओर विधायक अपनी पहचान की गूंज गढ़ते रहे, वहीं सचिव ने बिना झुके, बिना डरे जवाब दिया "आप अगर प्रेम से बात करेंगे, तो मैं भी करूंगा, वरना मैं भी बोल सकता हूं।"

"जूता से मार देंगे!" धमकी में उतर गई विधायकी

चीजें तब और बिगड़ीं जब विधायक ने सचिव को धमकाते हुए कहा, "खींचकर जूता से मारेंगे, रिकॉर्ड कर लो, जो करना है करो।" उन्होंने यह भी कहा कि सचिव को नौकरी में रहने का कोई हक नहीं है क्योंकि वो अपने स्थानीय विधायक को नहीं पहचानता। विधायक की आवाज़ में सत्ता का गुरूर साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा, "ट्रांसफर तो छोटी चीज है, अब दूसरा बात होगा।" सचिव भी अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटे और बोले, "आप जो उचित समझें, करें, लेकिन सम्मान जरूरी है।"

वायरल होते ही फूटा जनआक्रोश, जनता ने कहा, “ये जनसेवक हैं या दबंग?”

जैसे ही ऑडियो सोशल मीडिया पर आया, लोग विधायक पर टूट पड़े। ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सऐप हर जगह लोगों ने यह सवाल उठाया कि क्या एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को जनता के साथ इस तरह की भाषा बोलनी चाहिए? लोगों का कहना है कि सत्ता का इतना अहंकार लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। कुछ ने लिखा, "अगर आम आदमी अपनी बात नहीं कह सकता, तो यह लोकतंत्र कैसा?" वहीं कुछ यूजर्स ने सचिव की तारीफ करते हुए कहा कि "ऐसे ही ईमानदार अफसर ही असली सिस्टम को बचाए हुए हैं।"

कौन हैं भाई वीरेंद्र? क्या हमेशा रहते हैं विवादों में?

भाई वीरेंद्र बिहार की राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं। वे मनेर विधानसभा सीट से RJD के विधायक हैं और 2010 से लगातार विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। एक समय वे पार्टी के प्रवक्ता भी थे, लेकिन बाद में उन्हें इस भूमिका से हटा दिया गया। उनका अंदाज़ हमेशा आक्रामक रहा है और वे अक्सर अपने विवादास्पद बयानों के कारण खबरों में रहते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ उनकी नाराज़गी जगजाहिर है और वे कई बार प्रेस के सामने अपनी ही सरकार की खिंचाई कर चुके हैं।

अब क्या होगी कार्रवाई? क्या चुप बैठेगी RJD?

ऑडियो वायरल होने के बाद अब सभी की नजरें RJD नेतृत्व और सरकार पर हैं। क्या पार्टी इस व्यवहार को सही ठहराएगी? या फिर कोई एक्शन लिया जाएगा? विपक्ष भी इस मुद्दे पर हमलावर हो सकता है और बिहार विधानसभा में इस मामले की गूंज सुनाई दे सकती है। पंचायत सचिव की ओर से अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं आई है, लेकिन पूरे बिहार में यह बहस छिड़ गई है "जनता को धमकाने वाला विधायक क्या वाकई जनप्रतिनिधि कहलाने लायक है?"।

राजनीति में शिष्टाचार की मौत?

यह मामला केवल एक ऑडियो वायरल होने तक सीमित नहीं है। यह एक गहरी सोच को सामने लाता है, क्या अब जनप्रतिनिधियों का मतलब सिर्फ सत्ता का दंभ है? क्या आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को अपमानित करना ही “लोकसेवा” बन गया है? भाई वीरेंद्र और सचिव के बीच की यह बातचीत सिर्फ एक कॉल नहीं, बल्कि आज की राजनीति का वो आईना है जिसमें सत्ता की भाषा और गरिमा दोनों नजर आ रही हैं एक साथ और आमने-सामने। अब देखना यह होगा कि क्या बिहार की राजनीति इस गरिमा को बचा पाएगी, या फिर "जूता मारने की धमकी" लोकतंत्र की नई परिभाषा बन जाएगी।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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