Market Insight : क्या इस बार भी इतिहास खुद को दोहराएगा? निफ्टी में दिख रही है 57% की रैली की संभावनाएं!

Market Insight: बाजार के इतिहास में जब-जब बड़ी गिरावट आई है, उसके बाद एक मजबूत उछाल देखने को मिला है।

Sonal Girhepunje
Published on: 3 July 2025 1:22 PM IST
Market Insight
X

Market Insight (Image Credit-Social Media)

Market Insight: निफ्टी 50 इंडेक्स ने अप्रैल 2025 के निचले स्तर 21,744 से अब तक लगभग 17% की तेजी दिखाई है। लेकिन अगर पिछले 21 वर्षों के आंकड़ों को आधार माना जाए, तो यह तेजी सिर्फ शुरुआत हो सकती है। बाजार के इतिहास में जब-जब बड़ी गिरावट आई है, उसके बाद एक मजबूत उछाल देखने को मिला है। यही ट्रेंड एक बार फिर दोहराया जा सकता है, जिसे बाजार विशेषज्ञ "57% पैटर्न" कह रहे हैं।

इतिहास से क्या संकेत मिलते हैं?

Bajaj Broking के विश्लेषण के अनुसार, जब भी निफ्टी में 10% या उससे अधिक की गिरावट आई और वह एक से ज्यादा तिमाही तक बनी रही, तो उसके बाद औसतन 6 महीनों में 32% और 12 महीनों में 57% की तेजी आई है। यदि 2008 की वैश्विक मंदी और 2020 की महामारी जैसे विशेष वर्षों को छोड़ दें, तब भी रिकवरी के आंकड़े काफी प्रभावशाली रहे हैं - 6 महीने में औसतन 25% और 12 महीने में लगभग 38% की उछाल।

अब तक के प्रदर्शन की झलक:

• 2004: -36% की गिरावट, 6 महीने में 45% और 12 महीने में 54% की वापसी।

• 2006: -31% की गिरावट, फिर 45% और 61% की तेजी।

• 2008: -65% की गिरावट के बाद 54% और 115% की जबरदस्त रिकवरी।

• 2011: -29% की गिरावट, 13% और फिर 31% की रिकवरी।

• 2015: -17% की गिरावट, रिकवरी लगभग नहीं के बराबर रही - 6 महीने में -1%, 12 महीने में 18%।

• 2020: -40% की गिरावट, फिर 49% और 94% की मजबूत वापसी।

• 2022: -18% की गिरावट, 20% और 24% की बढ़त।

• 2025 (अब तक): -17% की गिरावट के बाद 6 महीनों में 17% की तेजी देखी गई है।

क्या खास है इस बार?

इस बार की तेजी को खास बनाने वाले कई ग्लोबल और घरेलू कारक हैं। सबसे पहला और अहम फैक्टर है अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) का कमजोर होना। वर्तमान में DXY तीन साल के निचले स्तर पर है - 96.86। Elara Securities के अनुसार, जब भी DXY में 5% या उससे अधिक की गिरावट आई है, निफ्टी ने उस वर्ष औसतन 34% की बढ़त दर्ज की है।

इतिहास बताता है कि DXY में गिरावट के चक्र 2 से 4 साल तक चलते हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इसमें और गिरावट की उम्मीद की जा रही है, जिससे उभरते बाजारों और खासतौर पर भारत को लाभ हो सकता है।

कच्चा तेल और डॉलर - डबल फायदेमंद स्थिति

Elara Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, जब DXY और ब्रेंट क्रूड दोनों की कीमतें गिरती हैं, तो भारतीय बाजार को एक साथ दोहरा फायदा मिलता है। आंकड़े बताते हैं कि जब DXY 100 से नीचे रहता है, तब भारतीय शेयर बाजार ने Nasdaq और सोने जैसी अन्य संपत्तियों को पीछे छोड़ दिया है।

तकनीकी विश्लेषण का नजरिया

Bajaj Broking के अनुसार, तकनीकी तौर पर निफ्टी में अभी और तेजी की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीने में निफ्टी 26,000–26,200 के स्तर को छू सकता है। हालांकि उच्च स्तरों पर थोड़ी बहुत मुनाफावसूली हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार की दिशा सकारात्मक बनी हुई है।

मुख्य सपोर्ट स्तर 24,800–25,000 के बीच माना जा रहा है, जो 20-दिन की मूविंग एवरेज और हालिया ब्रेकआउट के अनुरूप है।

कमाई के नतीजे तय करेंगे अगली चाल

Axis Securities के नीराज चड्ढावर के अनुसार, पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे बाजार की अगली चाल के लिए अहम होंगे। यदि कंपनियों के गाइडेंस और कॉमेंट्री सकारात्मक रहते हैं और वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितता में कमी आती है, तो बाजार एक नई ऊँचाई छू सकता है।

निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?

Bajaj Broking की सलाह है कि यदि बाजार में छोटी-मोटी गिरावट आती है, तो उसे खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए, खासतौर पर उन क्षेत्रों में जो फंडामेंटली मजबूत हैं।

सारांश

इतिहास गवाह है कि जब भी बड़ी गिरावट आई है, भारतीय बाजार ने शानदार वापसी की है। यदि 57% की ऐतिहासिक रिकवरी पैटर्न दोहराया जाता है, तो वर्तमान तेजी की सिर्फ शुरुआत हुई है। डॉलर और तेल के चलते बने पॉजिटिव ग्लोबल माहौल के साथ, यह रैली आने वाले महीनों में और गति पकड़ सकती है।

निवेशकों के लिए यह समय सतर्क लेकिन सक्रिय रहने का है - क्योंकि अवसर दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है।

डिस्क्लेमर:

यह केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें या वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

1 / 7
Your Score0/ 7
Sonal Girhepunje
ABOUT THE AUTHOR

Sonal Girhepunje

Sonal Girhepunje is a Former Senior Writer at Newstrack.com.

Next Story