नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल, भारत के व्यापार और निवेश पर क्या होगा असर?

Nepal Political Crisis Hits India: नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से भारत के व्यापार और निवेश पर पड़ सकता है बड़ा असर।

Sonal Girhepunje
Published on: 10 Sept 2025 10:29 AM IST
Nepal Political Crisis Hits India
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Nepal Political Crisis Hits India (Photo - Social Media)

Nepal Political Crisis Hits India: नेपाल की राजनीति में पिछले दो दिनों में बहुत बड़ा हंगामा हुआ है। प्रधानमंत्री पी शर्मा ओली को सत्ता छोड़नी पड़ी। काठमांडू में युवा प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन पर हमला किया और आग लगा दी। एयरपोर्ट के पास धुआं फैल गया और हिंसा तेज़ हो गई। पुलिस और सेना के बीच झड़पें हुईं। कर्फ्यू लगाया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा कम नहीं हुआ। अंत में, सेना ने काठमांडू का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।

नेपाल का संकट भारत को कैसे प्रभावित कर सकता है?

नेपाल और भारत के बीच गहरा और मजबूत व्यापारिक रिश्ता है। नेपाल का लगभग दो-तिहाई व्यापार भारत के साथ होता है। नेपाल भारत से बहुत सारे सामान आयात करता है, लेकिन उसका निर्यात कम होने के कारण व्यापार असंतुलित है। इस वजह से नेपाल की अर्थव्यवस्था पहले से ही कमजोर स्थिति में है। 2024-25 में नेपाल ने भारत को ₹225 अरब का सामान निर्यात किया, जबकि भारत से ₹1,071 अरब का सामान आयात किया। इसके अलावा, चीन के साथ भी नेपाल का व्यापार घाटा है। ऐसे राजनीतिक संकट और अस्थिरता से नेपाल की आर्थिक कमजोरी और बढ़ सकती है, और इसके प्रभाव से भारत की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

भारत के लिए नई चुनौती

अभी भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते थोड़े तनावपूर्ण हैं। ऐसे समय में भारत अपनी एक्सपोर्ट यानी निर्यात क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन नेपाल में चल रही राजनीतिक अस्थिरता इस प्रयास में बाधा बन सकती है। अस्थिरता के कारण नेपाल में निवेश कम होगा, व्यापार प्रभावित होगा और देश की आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ सकती हैं। इससे भारत की उन योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है जो निर्यात बढ़ाने के लिए नेपाल के जरिए चल रही हैं।

भारत और नेपाल का आर्थिक रिश्ता

नेपाल को कई जरूरी चीज़ें भारत से मिलती हैं, जैसे दवाइयां, मशीनें और लोहे की चीज़ें, पेट्रोल-डीजल, चावल, सब्ज़ियां और खाने-पीने का सामान। नेपाल अपनी ऊर्जा और ईंधन की ज़रूरतें भी भारत से पूरी करता है। इन सब कारणों से दोनों देशों का आर्थिक रिश्ता मजबूत बना हुआ है।

लेकिन अब नेपाल में चल रही अशांति और राजनीतिक संकट की वजह से सीमा पार व्यापार प्रभावित हो रहा है। बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा, सामान के आवागमन में रुकावट और उद्योगों व निवेशकों में डर के कारण यह स्थिति बनी है। इससे भारत से नेपाल तक सामान सप्लाई करने वाले उद्योगों को नुकसान हो सकता है। साथ ही, निवेश में कमी से नेपाल में आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ सकती हैं।

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Sonal Girhepunje

Sonal Girhepunje is a Former Senior Writer at Newstrack.com.

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