अब चांदी भी बनेगी पैसों की चाबी! RBI के नए धमाकेदार नियम से ऐसे मिलेगा लोन

आरबीआई के नए नियमों से अब लोगों को पैसों की जरूरत पड़ने पर मदद पाना आसान हो गया है। अब सिर्फ सोने पर ही नहीं, बल्कि चांदी के गहनों, आभूषणों और सिक्कों पर भी लोन लिया जा सकेगा। यह फैसला उन परिवारों के लिए बड़ा सहारा है जिनके पास चांदी की बचत तो थी, लेकिन बैंक से लोन लेने की सुविधा नहीं थी।

Sonal Girhepunje
Published on: 28 Oct 2025 11:13 AM IST
अब चांदी भी बनेगी पैसों की चाबी! RBI के नए धमाकेदार नियम से ऐसे मिलेगा लोन
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Silver Loan Process: भारत में सोने पर लोन लेना आम बात है, लेकिन अब भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा बदलाव किया है। अब आप चांदी के गहनों, आभूषणों और सिक्कों के बदले भी लोन ले सकेंगे। जून 2025 में आरबीआई ने “Lending Against Gold and Silver Collateral Directions, 2025” नामक नया नियम जारी किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। यह फैसला लाखों भारतीय परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, क्योंकि हमारे घरों में सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी भी बड़ी मात्रा में होती है। अब यही चांदी आपकी ज़रूरत के वक्त काम आएगी। इससे छोटे व्यवसायों, किसानों और आम लोगों को सस्ती ब्याज दर पर आसानी से कर्ज मिल सके

नया नियम क्या कहता है?

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पहली बार चांदी को “स्वीकृत गिरवी संपत्ति (Approved Collateral)” की सूची में शामिल किया है। इसका मतलब है कि अब लोग चांदी के गहनों, आभूषणों और सिक्कों के बदले लोन ले सकते हैं। पहले यह सुविधा केवल सोने तक सीमित थी, लेकिन अब चांदी रखने वालों को भी लोन लेने का मौका मिलेगा।

आरबीआई के नए नियमों के अनुसार, अब बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) और सहकारी बैंक अपने ग्राहकों को चांदी के बदले कर्ज देने में सक्षम होंगे। यह फैसला उन लोगों के लिए खास है, जिनके पास चांदी ज़्यादा है लेकिन सोना कम है। हालांकि, चांदी की सलाखें या Silver ETF और Electronic Gold Receipts (EGR) जैसी निवेश वाली संपत्तियों को गिरवी नहीं रखा जा सकेगा।

साथ ही, इस सुविधा का उपयोग नई चांदी खरीदने के लिए नहीं किया जा सकता। यानी अगर आपके पास पहले से चांदी है, तो आप उसी के बदले लोन ले पाएंगे।

कैसे मिलेगी चांदी पर लोन - आसान स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

अब आप अपनी चांदी के गहने या सिक्के गिरवी रखकर आसानी से लोन ले सकते हैं। RBI के नए नियम के बाद यह प्रक्रिया बिल्कुल आसान बना दी गई है। यहां जानिए स्टेप-बाय-स्टेप तरीका -

1. योग्य संपत्ति चुनें:

आप सिर्फ चांदी के गहने या सिक्के गिरवी रख सकते हैं। ध्यान दें कि गहने 10 किलोग्राम तक और सिक्के 500 ग्राम तक ही स्वीकार किए जाएंगे। चांदी की बार या ETF पर लोन नहीं मिलेगा।

2. बैंक या NBFC में जाएं:

अपनी चांदी लेकर किसी मान्यता प्राप्त बैंक या नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) की शाखा में जाएं, जो चांदी पर लोन देने की सुविधा देती हो।

3. मूल्यांकन प्रक्रिया:

बैंक आपकी चांदी का वजन और शुद्धता जांचेगा। इसके बाद मौजूदा मार्केट प्राइस के आधार पर उसकी कुल कीमत तय की जाएगी।

4. लोन वैल्यू अनुपात (LTV):

आपको आपकी चांदी के मूल्य के हिसाब से लोन मिलेगा।

- ₹2.5 लाख तक पर 85% LTV

- ₹2.5–5 लाख पर 80% LTV

- ₹5 लाख से ऊपर पर 75% LTV मिलेगा।

5. दस्तावेज़ प्रक्रिया:

आपको बस अपनी पहचान और चांदी का मालिक होने का एक साधारण सबूत देना होगा। इसके अलावा कोई extra कागज़ या दस्तावेज़ नहीं मांगे जाएंगे।

6. फंड डिस्बर्सल:

लोन मंज़ूर होने के बाद 24 से 48 घंटे के भीतर पैसे आपके खाते में आ जाएंगे।

7. सुरक्षा और वापसी:

आपकी चांदी बैंक के सुरक्षित लॉकर में रखी जाएगी। जब आप पूरा लोन चुका देंगे, तो 7 कार्यदिवसों के भीतर आपकी चांदी वापस कर दी जाएगी।

8. नीलामी की प्रक्रिया:

अगर आप समय पर लोन नहीं चुका पाते, तो बैंक पहले नोटिस देगा और फिर कम से कम 90% वैल्यू पर नीलामी करेगा। नीलामी के बाद बची रकम आपको लौटा दी जाएगी।

क्यों यह फैसला अहम है?

भारत में लगभग हर घर में चांदी के गहने या सिक्के जरूर होते हैं, लेकिन अब तक यह संपत्ति बैंकिंग व्यवस्था का हिस्सा नहीं थी। आरबीआई के नए नियम से अब चांदी भी लोन के लिए मान्य संपत्ति बन गई है। इससे आम लोगों को कई फायदे मिलेंगे।

अब जिन परिवारों के पास सोने से ज्यादा चांदी है, वे भी बैंक या एनबीएफसी से आसानी से लोन ले सकेंगे। इससे अवैध साहूकारों पर निर्भरता कम होगी और लोग सुरक्षित बैंकिंग प्रणाली का फायदा उठा पाएंगे। इसके अलावा, अब लोन की ब्याज दर, मूल्यांकन और नीलामी की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित होगी।

इस कदम से बैंकों और एनबीएफसी के लिए नया Metal-backed Lending Market तैयार होगा, जो भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा।

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Sonal Girhepunje

Sonal Girhepunje is a Former Senior Writer at Newstrack.com.

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