Monsoon Stomach Flu: मानसून में पेट की इन बीमारियों को गलती से भी न करें नजरअंदाज

Monsoon stomach flu: बारिश का मौसम जहां एक ओर राहत और ठंडक लेकर आता है। वहीं, दूसरी ओर यह कई तरह की बीमारियों को भी दावत देता है।

Ragini Sinha
Published on: 6 July 2025 2:39 PM IST (Updated on: 6 July 2025 3:57 PM IST)
Mansoon Stomach flu
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Mansoon Stomach flu (Social Media)

Stomach Infection: बारिश का मौसम जहां एक ओर राहत और ठंडक लेकर आता है। वहीं, दूसरी ओर यह कई तरह की बीमारियों को भी दावत देता है। इन्हीं में से एक है स्टमक फ्लू या गैस्ट्रोएंटेराइटिस, जो मानसून में सबसे ज्यादा लोगों को प्रभावित करता है।

डॉ. प्रियंका किसन पोखरियाल के अनुसार इस मौसम में स्टमक फ्लू के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जाती है, जिसके लक्षणों में डायरिया, उल्टी, पेट में मरोड़ और बुखार शामिल हैं।


गंदे पानी से बढ़ता है संक्रमण का खतरा

भारी बारिश की वजह से नालियां और सीवेज ओवरफ्लो हो जाते हैं। इससे पीने के पानी में बैक्टीरिया और वायरस के घुलने की संभावना बढ़ जाती है। यही दूषित पानी पेट के संक्रमण का मुख्य कारण बनता है।

नमी से पनपते हैं रोगाणु

मानसून में वातावरण में अधिक नमी होती है, जो वायरस और बैक्टीरिया के लिए अनुकूल परिस्थिति बनाती है। ये सूक्ष्मजीव गंदगी और नमी वाले स्थानों में तेजी से पनपते हैं।


साफ-सफाई की कमी और स्ट्रीट फूड से खतरा

बारिश में खुले में बिकने वाले फलों, सलाद या स्ट्रीट फूड को खाने से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ये चीजें अक्सर गंदे हाथों से परोसी जाती हैं या दोबारा गर्म नहीं की जातीं, जिससे बैक्टीरिया आसानी से फैलते हैं।

कमजोर इम्युनिटी वाले लोग ज्यादा खतरे में

बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, वे मानसून में स्टमक फ्लू के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। बदलता मौसम, दूषित पानी और मानसिक तनाव इनकी इम्युनिटी को और कमजोर कर देता है।


शहरों की अधूरी व्यवस्था भी जिम्मेदार

शहरी इलाकों में पानी की निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था कमजोर होती है। जलभराव और गंदगी रोगाणुओं के लिए आदर्श वातावरण बनाते हैं।

बचाव के उपाय क्या हैं?

  1. केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं। खुले में बिकने वाली बर्फ का उपयोग न करें।
  2. गरम और ताजा बना हुआ खाना ही खाएं। स्ट्रीट फूड से बचें।
  3. हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें, खासकर खाने से पहले और टॉयलेट के बाद।
  4. अगर डायरिया, उल्टी या बुखार जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत ओआरएस लें और डॉक्टर से सलाह लें।

मानसून का मौसम बीमारियों से भरपूर नहीं, बल्कि खुशियों भरा भी हो सकता है अगर आप थोड़ा सतर्क रहें और साफ-सफाई पर ध्यान दें।

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Ragini Sinha is a Former News Publisher at Newstrack.com.

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