'रिपोर्ट एकतरफा, जांच का लहजा केवल पायलट को दोषी ठहराना...', AI-171 क्रैश की प्रारंभिक रिपोर्ट पर पायलट्स एसोसिएशन ने जताई नाराजगी

Ahmedabad Plane crash: AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट पर एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भारी नाराजगी जताई है। एयरलाइन पायलट्स एसोसिएन ऑफ इंडिया ने बयान जारी कहा, जांच का लहजा और दिशा पायलट की गलती की ओर झुकाव का संकेत देती है। हम इस धारणा को पूरी तरह से खारिज करते हैं

Shivam Shrivastava
Published on: 12 July 2025 3:58 PM IST (Updated on: 12 July 2025 6:45 PM IST)
रिपोर्ट एकतरफा, जांच का लहजा केवल पायलट को दोषी ठहराना...,  AI-171 क्रैश की प्रारंभिक रिपोर्ट पर पायलट्स एसोसिएशन ने जताई नाराजगी
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Ahmedabad Plane Crash: 12 जून AI-171 क्रैश पर AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट पर एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भारी नाराजगी जताई है। उन्होंने विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) पर आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट का लहजा पायलट की ही गलती मान रही। जिसको हम बिलकुल खारिज करते हैं।

एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने बयान जारी कहा, जांच का लहजा और दिशा पायलट की गलती की ओर झुकाव का संकेत देती है। हम इस धारणा को पूरी तरह से खारिज करते हैं और निष्पक्ष, तथ्य-आधारित जांच पर जोर देते हैं। रिपोर्ट बिना किसी जिम्मेदार अधिकारी के हस्ताक्षर या जानकारी के मीडिया में लीक कर दी गई। जांच में पारदर्शिता का अभाव है क्योंकि जांच गोपनीयता में लिपटी हुई है। जिससे विश्वसनीयता और जनता का विश्वास कम हो रहा है। योग्य, अनुभवी कर्मियों, खासकर लाइन पायलटों को अभी भी जांच दल में शामिल नहीं किया जा रहा है।


बीती रात जारी हुई रिपोर्ट

अब इसकी शुरुआती जांच रिपोर्ट एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जारी की है। इस रिपोर्ट में हादसे के पीछे की मुख्य वजहें सामने आई हैं।

इंजन बंद होना बना हादसे का कारण

AAIB की 15 पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के तुरंत बाद एक-एक करके विमान के दोनों इंजन अचानक बंद हो गए थे। यही इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बताया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कॉकपिट की रिकॉर्डिंग से यह सामने आया कि पायलट भी इस स्थिति को लेकर भ्रमित थे। जब पहला इंजन बंद हुआ, तो एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “क्या तुमने इंजन बंद किया?” इस पर दूसरे पायलट ने साफ इंकार करते हुए कहा, “नहीं।” इसका मतलब साफ है कि इंजन अपने-आप बंद हो गए थे।

रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य

टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजन बंद: टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद, दोनों इंजन अचानक बंद हो गए। फ्यूल कटऑफ स्विचेज को एक-एक करके ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ में सिर्फ एक सेकंड के अंदर शिफ्ट किया गया, जिससे इंजन तक ईंधन पहुंचना बंद हो गया।

कॉकपिट की रिकॉर्डिंग: एक पायलट ने दूसरे से पूछा, "तुमने इंजन बंद किया?" जवाब मिला, "मैंने नहीं किया।" इसका मतलब यह हुआ कि स्विच बिना जानबूझ के दबाए गए, या कोई तकनीकी गड़बड़ी हुई।

रैम एयर टरबाइन (RAT) ने संभाला हालात: जैसे ही इंजन बंद हुए, इमरजेंसी पावर के लिए अपने-आप एक छोटा पंखे जैसा यंत्र RAT (Ram Air Turbine) एक्टिव हो गया।

इंजन दोबारा शुरू करने की कोशिश: पायलटों ने दोनों इंजन को दोबारा चालू करने की कोशिश की। इंजन 1 थोड़ा-बहुत रेस्पॉन्स देने लगा, लेकिन इंजन 2 पूरी तरह फेल हो गया। विमान सिर्फ 32 सेकंड तक हवा में रहा और रनवे से 0.9 नॉटिकल मील की दूरी पर हॉस्टल से टकरा गया।

थ्रस्ट लीवर ‘आईडल’ पर, लेकिन रिकॉर्ड अलग: थ्रस्ट लीवर हादसे के वक्त ‘Idle’ पोजिशन में पाए गए, जबकि ब्लैक बॉक्स डेटा बताता है कि टेकऑफ थ्रस्ट अभी भी एक्टिव था। इसका मतलब है कि सिस्टम में कुछ तकनीकी डिस्कनेक्ट या खराबी थी।

ईंधन बिल्कुल साफ था: जांच में यह साफ हुआ कि ईंधन में कोई मिलावट या गड़बड़ी नहीं थी। न ही भराई के दौरान कोई संदिग्ध सामग्री पाई गई। टेकऑफ की फ्लैप सेटिंग (5 डिग्री) और लैंडिंग गियर भी सामान्य थे। मौसम भी साफ था, न पक्षियों का खतरा, न कोई तूफान।

पायलट अनुभवी और फिट: दोनों पायलटों की मेडिकल स्थिति ठीक थी। दोनों पूरी तरह से रेस्टेड थे और इस तरह के विमान उड़ाने का पर्याप्त अनुभव रखते थे।

तोड़फोड़ का सबूत नहीं, मगर FAA चेतावनी थी: फिलहाल किसी भी प्रकार की साजिश या तोड़फोड़ के सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन FAA (अमेरिकन एविएशन अथॉरिटी) ने पहले ही फ्यूल कटऑफ स्विच में गड़बड़ी की संभावना पर एडवाइजरी जारी की थी। लेकिन एयर इंडिया ने इस जांच को नजरअंदाज किया।


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Shivam Shrivastava
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Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

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