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बिहार चुनाव: बाहुबली से दिग्गज नेताओं तक...किस्मत का होगा फैसला, देखें किस्से किसकी टक्कर?
Bihar first phase voting: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 121 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। तेजस्वी यादव, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, खेसारी लाल और कई बाहुबली नेताओं की किस्मत का आज होगा फैसला। जानिए किस सीट पर कौन किससे टक्कर ले रहा है।
Bihar first phase voting: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए गुरुवार को मतदान होने जा रहा है। इस चरण में राज्य की 121 सीटों पर 3.75 करोड़ मतदाता 1,314 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। यह चरण न केवल बिहार की चुनावी दिशा तय करेगा, बल्कि इसमें इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव और भाजपा के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जैसे कई दिग्गज नेताओं के सियासी भविष्य का इम्तिहान भी होगा। एक ओर जहाँ राजनीति के महारथी अपनी साख बचाने की कोशिश में हैं, वहीं दूसरी ओर भोजपुरी स्टार्स और बाहुबली बेटों के मैदान में उतरने से मुकाबला बेहद रोचक हो गया है।
तेजस्वी, तेज प्रताप और डिप्टी सीएम की टक्कर
पहले चरण के मतदान में बिहार की राजनीति के सबसे बड़े चेहरे शामिल हैं।
तेजस्वी यादव का इम्तिहान: तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से लगातार तीसरी जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान में हैं। उनके सामने भाजपा के सतीश कुमार हैं, जिन्होंने 2010 में तेजस्वी की माँ राबड़ी देवी को हराया था। हालांकि, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर अब मैदान में नहीं हैं, लेकिन उनकी पार्टी ने चंचल सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
तेज प्रताप का बहुकोणीय मुकाबला: तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव, जिन्होंने अपनी नई पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' बनाई है, महुआ सीट से बहुकोणीय मुकाबले में हैं। इस सीट पर मौजूदा आरजेडी विधायक मुकेश रौशन से उन्हें कड़ी टक्कर मिल रही है, साथ ही लोजपा (राम विलास) के संजय सिंह और निर्दलीय अशमा परवीन की मौजूदगी मुकाबले को दिलचस्प बना रही है।
डिप्टी सीएम की साख: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से लगातार चौथी बार जीत की कोशिश में हैं, जहाँ उनका मुकाबला कांग्रेस के अमरेश कुमार और जन सुराज पार्टी के सूरज कुमार से है। वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करीब एक दशक बाद तारापुर से प्रत्यक्ष चुनाव लड़ रहे हैं, जहाँ आरजेडी के अरुण कुमार साह उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं।
दिग्गज मंत्री और बाहुबली विरासत मैदान में
पहले चरण में बिहार सरकार के करीब एक दर्जन मंत्री अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
भाजपा के मंत्री: भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री मंगल पांडे (सीवान), नितिन नवीन (बैंकिपुर), संजय सरावगी (दरभंगा), जिबेश कुमार (जाले) और केदार प्रसाद गुप्ता (कुरहनी) अपनी सीट बचाने की कोशिश में हैं। मंगल पांडे पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं, और उनका मुकाबला आरजेडी के दिग्गज, कई बार के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी से है।
जदयू के मंत्री: जदयू के श्रवण कुमार (नालंदा) और विजय कुमार चौधरी (सरायरंजन) की किस्मत का फैसला भी इसी चरण में होगा।
सबसे ज्यादा सुर्खियों में रघुनाथपुर सीट है, जहाँ दिवंगत बाहुबली नेता मोहम्मद शाहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शाहाब मैदान में हैं। ओसामा के नामांकन को एनडीए ने "जंगलराज की वापसी" करार दिया है, और भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने तो यहाँ तक कहा है कि "ओसामा नाम सुनकर लोगों को ओसामा बिन लादेन की याद आती है।"
मैथिली ठाकुर, खेसारी लाल और बाहुबली की जंग
इस चरण में कई चर्चित चेहरे और कला जगत के सितारे भी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला ग्लैमरस हो गया है।
कलाकार और गायक: लोकगायक मैथिली ठाकुर (भाजपा- अलीगंज), भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव (आरजेडी- छपरा) और रितेश पांडे (जन सुराज पार्टी-करगहर) इस चरण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
मोकामा की 'डॉन' फाइट: सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक मोकामा की सीट है, जहाँ जेल में बंद जदयू विधायक अनंत सिंह का मुकाबला आरजेडी की वीणा देवी से है, जो बाहुबली सूरजभान की पत्नी हैं। यह सीट दो बाहुबली परिवारों की साख का सवाल बनी हुई है।
मतदाताओं का गणित: छोटे और बड़े क्षेत्र
चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान होगा।
सबसे अधिक और कम मतदाता: पटना की दीघा सीट पर सबसे ज्यादा 4.58 लाख मतदाता हैं, जबकि बरबीघा (शेखपुरा) में सबसे कम 2.32 लाख मतदाता हैं।
सबसे अधिक और कम उम्मीदवार: कुरहनी और मुजफ्फरपुर में सबसे ज्यादा 20-20 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि भोर, अलौली और परबत्ता सीटों पर सबसे कम 5-5 प्रत्याशी हैं।
नए और युवा वोटर्स: इस चरण में 10.72 लाख नए मतदाता और 7.38 लाख 18-19 आयु वर्ग के युवा मतदाता शामिल हैं, जो इन चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
कुल 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 36,733 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। इन 121 सीटों की कुल जनसंख्या लगभग 6.60 करोड़ है, लेकिन मतदाता सूची में 3.75 करोड़ नाम दर्ज हैं। आज, इन 3.75 करोड़ मतदाताओं का फैसला बिहार की राजनीति की अगली तस्वीर तय करेगा।


