बाहुबलियों के दमपर जीतेंगे बिहार, हर पार्टी में एक से बढ़कर एक आपराधिक छवि वाले नेता, देखिये पूरी लिस्ट

बिहार चुनाव 2025 में नामांकन पूरा, मैदान में बाहुबली, परिवारवाद और जातीय समीकरण हावी। कई सीटों पर टक्कर सीधे बाहुबलियों के बीच।

Shivam Shrivastava
Published on: 22 Oct 2025 6:43 PM IST (Updated on: 22 Oct 2025 6:43 PM IST)
बाहुबलियों के दमपर जीतेंगे बिहार, हर पार्टी में एक से बढ़कर एक आपराधिक छवि वाले नेता, देखिये पूरी लिस्ट
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब मैदान में एनडीए और महागठबंधन दोनों के उम्मीदवार उतर चुके हैं और पूरे जोर-शोर से प्रचार में जुटे हैं। हालांकि जहां एनडीए एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है, वहीं महागठबंधन के भीतर सहयोगी दल कई सीटों पर आपस में ही ‘फ्रेंडली फाइट’ कर रहे हैं।

इस बार के चुनाव में एक बार फिर साफ तौर पर दिख रहा है कि चाहे एनडीए हो या महागठबंधन, जातीय समीकरण और परिवारवाद का बोलबाला है। साथ ही, पिछली परंपरा को जारी रखते हुए कई बाहुबली या उनके परिजन चुनावी मैदान में हैं। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 9 बाहुबली उम्मीदवार राजद से, 7 जदयू से, 4 भाजपा से और 2 लोजपा (रामविलास) से मैदान में हैं।

मुख्य सीटों पर बाहुबलियों की सीधी टक्कर

मोकामा: अनंत सिंह बनाम वीणा देवी

बाहुबली नेता अनंत सिंह (जेडीयू) एक बार फिर मोकामा से उम्मीदवार हैं। आरजेडी ने उनके खिलाफ पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को उतारा है। यह मुकाबला बाहुबल और राजनीतिक विरासत के बीच एक जबरदस्त भिड़ंत बन चुका है।

नवीनगर: चेतन आनंद (जेडीयू)

बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद राजपूत बहुल क्षेत्र से जेडीयू के उम्मीदवार हैं। वह पहले राजद से शिवहर से विधायक रह चुके हैं। इस बार उन्हें अपने पिता के प्रभावशाली क्षेत्र से मैदान में उतारा गया है।

एकमा: धूमल सिंह (जेडीयू)

सारण के एकमा सीट से बाहुबली मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह फिर से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी पत्नी 2020 में इसी सीट से हार चुकी थीं।

तरारी और ब्रह्मपुर: पांडे परिवार की भिड़ंत

तरारी से सुनील पांडे के बेटे प्रशांत बीजेपी से उम्मीदवार हैं, वहीं ब्रह्मपुर से उनके भाई हुलास पांडे लोजपा (रामविलास) से मैदान में हैं।

वारिसलीगंज: अशोक महतो की पत्नी बनाम अखिलेश सिंह की पत्नी

बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनीता कुमारी (राजद) का मुकाबला भाजपा विधायक अरुणा देवी से है, जो बाहुबली अखिलेश सिंह की पत्नी हैं। यह मुकाबला पर्सनल राइवलरी में तब्दील हो चुका है।

कुचायकोट: पप्पू पांडे बनाम उद्योगपति

पांच बार विधायक रह चुके अमरेन्द्र उर्फ पप्पू पांडे जदयू से फिर मैदान में हैं। उनके सामने महागठबंधन ने दुबई के उद्योगपति हरिनारायण सिंह को उतारा है।

रघुनाथपुर: ओसामा शहाब (राजद)

राजद ने दिवंगत बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को उम्मीदवार बनाया है। यह उनकी पहली राजनीतिक परीक्षा होगी।

संदेश: बालू माफियाओं की जंग

राजद ने अरुण यादव के बेटे दीपू राणावत को, जबकि जदयू ने राधा चरण साह को उम्मीदवार बनाया है। यह मुकाबला स्थानीय बालू माफियाओं के वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है।

लालगंज: शिवानी शुक्ला (राजद)

बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला अब लालगंज से मैदान में हैं। यह परिवार पहले भी इस सीट से चुनाव लड़ चुका है।

दानापुर: रीतलाल यादव (राजद) बनाम रामकृपाल यादव (भाजपा)

जेल में बंद बाहुबली रीतलाल यादव को फिर से राजद ने टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने उनके सामने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव को उतारा है।

नवादा: विभा देवी बनाम राज बल्लभ की वापसी

राज बल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी ने राजद छोड़ जदयू का दामन थामा है। अब वह उसी सीट से चुनावी मैदान में हैं जहां से पहले हार चुकी थीं।

बनियापुर: प्रभुनाथ सिंह के बेटे बनाम भाई

जेल में उम्रकैद काट रहे प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर सिंह को जदयू और उनके भाई जन्मदिन सिंह को भाजपा से टिकट मिला है।

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Shivam Shrivastava
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Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

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