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खतरनाक नहीं गजब खतरनाक! 'विष्णु' की तरह ही एक झटके में दुनिया को तबाह करने की भारत को मिली 'शक्ति'
Power of India: ET-LDHCM कोई आम मिसाइल नहीं है। ये उस वैज्ञानिक का जवाब है...
India Hypersonic Missile 2025: दुनिया को चौंकाना भारत ने अब एक हॉबी बना ली है, और इस बार तो ऐसा चौंकाया कि दुश्मनों के रडार, रिपोर्ट, और रात की नींद तीनों उड़ गए। DRDO ने लॉन्च की है ET-LDHCM एक ऐसी हाइपरसोनिक मिसाइल, जो इतनी तेज है कि ध्वनि खुद कहे, थोड़ा धीरे यार, मेरी भी कोई औकात है! स्क्रैमजेट इंजन से लैस ये मिसाइल अब सिर्फ हथियार नहीं रही, बल्कि “स्पीड ब्रह्मास्त्र” बन चुकी है।
नाम छोटा रख लेते, तो भी डराना कम न होता
‘एक्सटेंडेड ट्रैजेक्टरी लॉन्ग ड्यूरेशन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल’ नाम ऐसा कि दुश्मन को समझने में ही दो मिनट लग जाएं, और जब तक वो गूगल करें, मिसाइल सीधे सर पर। इस मिसाइल की रफ्तार है मैक 8 यानी ध्वनि से आठ गुना तेज। यानी जब आप धायं! कहें, तब तक ये मिसाइल दुश्मन के अड्डे पर चाय भी पी चुकी होगी।
दुश्मन बोले: ब्रह्मोस ठीक था, ये ज़रूरत थी क्या?
अब तक दुश्मन ब्रह्मोस, अग्नि और आकाश से ही निपटने की कोशिश कर रहे थे, तभी भारत ने बोला थामो जरा, ये रही नई मुसीबत" — ET-LDHCM।
1,500 किलोमीटर रेंज।
2,000 किलोग्राम वॉरहेड।
कम ऊंचाई, रडार को Bye Bye।
दिशा बदलने की क्षमता यानी दुश्मन भले स्टील्थ मोड में हो, मिसाइल बोलेगी, मैं भी गेमिंग लैपटॉप नहीं, भारतीय वैज्ञानिकों का गुस्सा हूँ।
रडार से छिपे, रक्षा कवच से निकले
रूस का S-500 और इज़राइल का आयरन डोम दोनों अब वेटिंग मोड में हैं, सोच रहे हैं कि अब ये किस लेवल की चीज़ बना दी भाई? DRDO की माने तो यह मिसाइल कमांड सेंटर, नौसैनिक संपत्तियाँ, बंकर, और दुश्मनों के ख्वाब सबकुछ एक झटके में खत्म कर सकती है।
प्रोजेक्ट विष्णु: आधुनिक युग का सुदर्शन चक्र
DRDO ने इसे प्रोजेक्ट विष्णु के तहत बनाया है। अब सोचिए, जब विष्णु के नाम पर प्रोजेक्ट हो, तो दुश्मन के रक्षा विश्लेषक भी घबराकर पूछें अब रामायण किस एपिसोड पर चल रही है? यह प्रोजेक्ट कुल 12 हाइपरसोनिक सिस्टम बना रहा है कुछ हमला करेंगे, कुछ दुश्मन की मिसाइलों को रास्ते में ही ‘गुड नाइट’ कह देंगे।
रोज़गार भी, रोब भी
इस मिसाइल में MSME और निजी कंपनियों ने भी योगदान दिया है। यानी यह सिर्फ रक्षा नहीं कर रही, बल्कि रोज़गार दे रही, और दुश्मनों को डराने के साथ-साथ देशवासियों को गर्व भी दे रही है।
मिसाइल नहीं, मूड है ये देश का
ET-LDHCM कोई आम मिसाइल नहीं है। ये उस वैज्ञानिक का जवाब है, जिसे बचपन में टाइम पर लैब नहीं मिलने दी गई थी। ये उस देश का आत्मविश्वास है, जो कभी दूसरों से हथियार मांगता था और अब खुद बना रहा है, वो भी ऐसा कि रॉकेट साइंस शर्मिंदा हो जाए।
अब जो भी भारत की ओर ऊंगली उठाएगा, उसे पहले Google Map में चेक करना पड़ेगा कि उसकी राजधानी अब भी वहीं है या 1,500 किलोमीटर दूर उड़ गई।


