Trump Ceasefire Credit: युद्धविराम विवाद, मोदी ने जताई संप्रभुता, ट्रंप ने फिर लिया श्रेय

Trump Ceasefire Credit: भारत-पाक युद्धविराम पर मोदी और ट्रंप के दावों में टकराव से कूटनीतिक विवाद गहरा गया है। मोदी ने संप्रभुता जताई, ट्रंप ने फिर श्रेय लिया, विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा।

Newstrack Network
Published on: 30 July 2025 8:00 PM IST (Updated on: 30 July 2025 8:15 PM IST)
Trump Ceasefire Credit: युद्धविराम विवाद, मोदी ने जताई संप्रभुता, ट्रंप ने फिर लिया श्रेय
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Trump Ceasefire Credit Row: भारत और अमेरिका के बीच एक कूटनीतिक असमंजस पैदा हो गया है, क्योंकि दो शक्तिशाली नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई युद्धविराम की परिस्थितियों पर अलग‑अलग दावे कर रहे हैं।

29 जुलाई को संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दृढ़ता से कहा, “दुनिया का कोई भी नेता हमसे हमारी कार्रवाई रोकने के लिए नहीं बोला। हमने केवल अपने राष्ट्रहित में ही कार्रवाई की।” यह बयान ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में था, जो भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सीमित सैन्य अभियान के रूप में चलाया था। मोदी ने स्पष्ट किया कि 10 मई को घोषित युद्धविराम भारत‑पाकिस्तान के बीच हुए द्विपक्षीय सैन्य समझौते का परिणाम था, न कि किसी बाहरी दबाव या मध्यस्थता का।

ट्रंप “हमने परमाणु युद्ध रोका”

मोदी के भाषण के कुछ घंटों बाद ही डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर युद्धविराम का श्रेय खुद को देते हुए टीवी साक्षात्कार में कहा – “मैंने उन्हें कहा, अगर आप नहीं रुके, तो कोई व्यापार नहीं होगा। हमने अपनी आर्थिक ताकत का इस्तेमाल किया और वह रोक दिया जो एक परमाणु युद्ध बन सकता था।”

यह कम से कम 14वीं बार था जब ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार ने भारत‑पाकिस्तान के बीच शांति करवाई। उनके बार‑बार दिए गए बयान भारत की आधिकारिक स्थिति के विपरीत हैं और देश के भीतर राजनीतिक विवाद को भड़का रहे हैं।

इस विरोधाभास को विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने तुरंत भुना लिया। राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री को चुनौती दी – “अगर ट्रंप झूठ बोल रहे हैं, तो प्रधानमंत्री ने उन्हें सार्वजनिक रूप से गलत क्यों नहीं कहा? चुप्पी क्यों?”

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री भारत की सामरिक स्वायत्तता की रक्षा करने में नाकाम रहे – “ट्रंप हर हफ्ते वही दावा दोहरा रहे हैं और मोदी जी चुप हैं। ट्रंप मोदी को ऐसे लपेटे हुए हैं जैसे साँप।”

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने व्यंग्य करते हुए सुझाव दिया कि सरकार को “या तो ट्रंप का मुँह बंद करना चाहिए या मैकडॉनल्ड्स बंद कर देना चाहिए”, जो विपक्ष की बढ़ती झुंझलाहट को दर्शाता है।

सरकार का स्पष्ट रुख

बढ़ते विवाद के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया – अप्रैल से मध्य जून के बीच मोदी और ट्रंप के बीच कोई संवाद नहीं हुआ। युद्धविराम भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ स्तर के अधिकारियों के बीच प्रत्यक्ष सैन्य चैनलों के माध्यम से तय हुआ।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोड़ा कि भारत ने सैन्य अभियान तभी समाप्त किया जब उसने अपने घोषित उद्देश्यों को प्राप्त कर लिया, न कि वाशिंगटन या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण।

विवाद की समयरेखा

• 22 अप्रैल 2025: पहलगाम में आतंकी हमला, भारत‑पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा।

7–10 मई 2025: भारत ने लक्षित सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर चलाया।

• 10 मई 2025: डीजीएमओ स्तर पर द्विपक्षीय युद्धविराम घोषित।

• जून–जुलाई 2025: ट्रंप ने बार‑बार युद्धविराम का श्रेय लिया।

29 जुलाई 2025: संसद में पीएम मोदी ने बाहरी मध्यस्थता से इनकार किया।

• 29–30 जुलाई 2025: ट्रंप ने फिर मोदी के बयान का खंडन करते हुए अपना दावा दोहराया।

कथाओं का यह टकराव विदेशी नीति विश्लेषकों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। मोदी के दृढ़ संसदीय बयान के तुरंत बाद ट्रंप के दावे ने विवाद को और भड़का दिया। भारत का ट्रंप के संस्करण को मान्यता देने से इनकार यह भी दर्शाता है कि नई दिल्ली पाकिस्तान से जुड़े सैन्य मामलों में अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता और संप्रभु निर्णय‑प्रक्रिया बनाए रखने के लिए दृढ़ है।

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