बड़ा प्रहार पाकिस्तान पर: क्या इतिहास फिर खुद को दोहराएगा? जानें पहले कितनी बार भारत ने दुश्मन देश को जंग में चटाई थी धूल

India Pakistan War List History: अब आइए जानते हैं कि जब-जब भारत और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ी, कैसे हर बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी...

Harsh Srivastava
Published on: 7 May 2025 1:37 PM IST
India Pakistan War List History
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India Pakistan War History: बीती रात का अंधेरा जैसे ही घना हुआ, भारत ने वो कर दिखाया जिसकी पाकिस्तान को शायद कल्पना भी नहीं थी। बुधवार की रात भारतीय सेना ने आतंक के अड्डों पर कहर बनकर टूटते हुए पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, यह एक साफ संदेश था—भारत अब चुप नहीं बैठेगा, और दुश्मनों को उनके घर में घुसकर माकूल जवाब देगा। भारत की इस साहसी कार्रवाई ने न सिर्फ पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जब भी पाकिस्तान ने भारत के धैर्य की परीक्षा लेने की कोशिश की है, उसे करारी शिकस्त ही मिली है।

अब आइए जानते हैं कि जब-जब भारत और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ी, कैसे हर बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी।

1947-48: पहला भारत-पाक युद्ध — कबायलियों की आड़ में पाकिस्तान का पहला धोखा


देश के बंटवारे के ठीक बाद, अक्टूबर 1947 में ही पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर पर कब्जा करने के लिए 'कबायली हमलावरों' को भेजा। पाकिस्तान की सोची-समझी चाल थी कि राजा हरि सिंह भारत से मदद न मांगे और वो कश्मीर को हड़प ले। लेकिन राजा ने भारत से सहायता मांगी और इस पर जम्मू-कश्मीर भारत में विलय हो गया। इसके बाद भारतीय सेना ने जबरदस्त जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तान को पीछे हटना पड़ा और युद्ध 1948 में युद्धविराम के साथ खत्म हुआ, जिसमें पाकिस्तान ने एक हिस्सा कब्जा कर लिया जिसे आज 'पाक अधिकृत कश्मीर' कहा जाता है। भारत ने पहली ही जंग में स्पष्ट कर दिया कि वह ना तो अपनी ज़मीन छोड़ेगा और ना ही आतंकी हमलों से डरेगा।

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1965: ऑपरेशन जिब्राल्टर की नाकामी—लाहौर तक पहुंच गई थी भारतीय सेना


पाकिस्तान ने 1965 में एक बार फिर सोचा कि कश्मीर में अस्थिरता फैलाकर भारत को झुका देगा। ऑपरेशन जिब्राल्टर और ग्रैंड स्लैम के जरिए उसने कश्मीर में घुसपैठ कराई। लेकिन भारतीय सेना ने न सिर्फ उन्हें पीछे खदेड़ा, बल्कि जवाबी हमला करते हुए लाहौर तक पहुंच गई। भारतीय वायुसेना की गूंज कराची तक सुनाई दी। अंततः ताशकंद समझौते के जरिए युद्ध समाप्त हुआ, लेकिन पाकिस्तान को कूटनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर करारी शिकस्त मिली।

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1971: पाकिस्तान के दो टुकड़े—बांग्लादेश बना, 93,000 सैनिकों ने भारत के सामने आत्मसमर्पण किया


1971 का युद्ध भारत की सबसे निर्णायक जीत के रूप में दर्ज है। बांग्लादेश (तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान) में हो रहे नरसंहार और लाखों शरणार्थियों की भारत में घुसपैठ के बाद जब पाकिस्तान ने पश्चिमी मोर्चे पर भारत पर हमला किया, तो भारत ने तीनों सेनाओं के तालमेल से ऐसा जवाब दिया कि पाकिस्तान के होश उड़ गए। केवल 13 दिनों में ही भारतीय सेना ने ढाका में विजय पताका फहराई और 16 दिसंबर 1971 को 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया और बांग्लादेश का जन्म हुआ। यह इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य हारों में एक थी।

1999: कारगिल युद्ध—पाकिस्तान की नापाक घुसपैठ का साहसी जवाब


कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर 1999 में पाकिस्तान की सेना ने अपने सैनिकों को घुसपैठिए बनाकर भेजा और पोस्ट्स पर कब्जा कर लिया। लेकिन जब भारतीय सेना को इसका पता चला, तब उन्होंने ऑपरेशन विजय शुरू किया। 60 दिन चले इस संघर्ष में भारतीय जवानों ने जान की बाजी लगाकर दुश्मनों को खदेड़ा। टाइगर हिल और तोलोलिंग जैसी ऊंचाइयों पर तिरंगा लहराया गया। इस जंग में भारत ने साबित किया कि वह सीमाओं की सुरक्षा के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार है।

सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक—नई भारत की नई नीति

2016 में उरी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की और आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया। 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। यह पहली बार था जब भारत ने आतंकी हमले का जवाब पारंपरिक युद्ध के बजाय सटीक सैन्य कार्रवाई से दिया और दुनिया ने देखा कि भारत अब 'नई नीति' के साथ आगे बढ़ रहा है।


पहलगाम में आतंकियों की घुसपैठ, सीमाओं पर पाकिस्तानी फौज की संदिग्ध गतिविधियां और देशभर में अचानक शुरू हुए हाई अलर्ट मॉक ड्रिल्स ये सब कुछ किसी बड़े घटनाक्रम की ओर इशारा कर रहे थे। और हुआ भी वही, जिसकी आहट थी। बुधवार रात भारत ने "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक और विनाशकारी हमला किया। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि भारत अब सिर्फ चेतावनी नहीं देता, बल्कि जवाब भी देता है—वो भी दुश्मन की जमीन पर घुसकर।

पाकिस्तान के लिए ये झटका नया नहीं है। इतिहास गवाह है कि जब-जब उसने भारत से टकराने की कोशिश की है, तब-तब उसे करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। लेकिन अब मामला सिर्फ इतिहास नहीं, वर्तमान की चेतावनी है भारत 2025 का भारत है, जो युद्ध सिर्फ मैदान में नहीं, हर मोर्चे पर लड़ने और जीतने की क्षमता रखता है।

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अब बड़ा सवाल ये है क्या भारत-पाकिस्तान एक बार फिर युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं? क्या इतिहास फिर खुद को दोहराने जा रहा है? जवाब जल्द सामने होगा, लेकिन इतना तय है अगर पाकिस्तान ने फिर कोई नापाक हरकत की, तो जवाब इस बार पहले से कहीं ज़्यादा घातक और निर्णायक होगा।

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