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फिर लताड़ा गया पाकिस्तान! पूरी दुनिया में हो रही थू-थू, पहलगाम आतंकी हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने तीखी फटकार लगाई
India Pakistan War Update: पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने सोमवार को पाकिस्तान को तीखी फटकार लगाई है।
India Pakistan War Update (Photo - Social Media)
India Pakistan War Update: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने सोमवार को एक बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान पाकिस्तान को तीखी फटकार लगाई। यह बैठक जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर आयोजित की गई थी, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी—इनमें 25 पर्यटक और एक कश्मीरी टट्टू चालक शामिल थे। इस हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर डाली जा रही है, जिसने दुनियाभर में आक्रोश फैला दिया है। बैठक में UNSC के सदस्य देशों ने पाकिस्तान से तीखे सवाल किए और उसके दोष को टालने की कोशिशों को खारिज कर दिया।
यह अनौपचारिक बैठक मुख्य सभागार के बजाय एक परामर्श कक्ष में आयोजित की गई, जो यह दर्शाता है कि परिषद पाकिस्तान के पक्ष में कोई औपचारिक बयान जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, 15 सदस्यीय परिषद ने इस हमले की स्पष्ट रूप से निंदा की और ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। परिषद ने पाकिस्तान की “फॉल्स फ्लैग” (झूठे झंडे) वाली कहानी को भी नकारते हुए भारत के साथ तनाव को द्विपक्षीय बातचीत के ज़रिए सुलझाने का आग्रह किया।
पाकिस्तान से पूछे गए तीखे सवाल
यह बैठक पाकिस्तान के आग्रह पर बुलाई गई थी और मई महीने के लिए यूनएससी के अध्यक्ष देश ग्रीस की अगुवाई में हुई। बैठक में इस्लामाबाद से कड़े सवाल पूछे गए। परिषद के कई सदस्यों ने पाकिस्तान की हालिया परमाणु बयानबाज़ी और मिसाइल परीक्षणों को चिंताजनक और अस्थिरता बढ़ाने वाला करार दिया। इसके अलावा, परिषद ने हमले के “लक्षित” स्वरूप की ओर इशारा किया—बताया गया कि पीड़ितों को उनके धर्म के आधार पर चुना गया था।
संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक और शांति निर्माण मामलों के विभाग के प्रतिनिधि असिस्टेंट सेक्रेटरी-जनरल खालिद मोहम्मद खियारी ने स्थिति को “अत्यंत अस्थिर” बताया और बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। यूनएससी के अध्यक्ष ग्रीक दूत इवांजेलोस सेकेरिस ने चर्चा को “सार्थक और सहायक” बताया, जबकि एक रूसी राजनयिक ने उम्मीद जताई कि तनाव घटेगा।
स्थायी और अस्थायी सभी सदस्य पाकिस्तान से नाराज़
पाकिस्तान, जो कि इस समय सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है (अन्य अस्थायी सदस्य देश हैं: अल्जीरिया, डेनमार्क, ग्रीस, गुयाना, पनामा, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया और सोमालिया), उसे इस बैठक में चीन, फ्रांस, रूस, यूके और अमेरिका जैसे स्थायी सदस्यों के साथ-साथ अन्य अस्थायी सदस्यों की भी आलोचना का सामना करना पड़ा।
हालांकि पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके उद्देश्य “काफी हद तक पूरे” हो गए, लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, जो कि इस्लामाबाद की बातों को सीधे तौर पर खारिज करने जैसा संकेत था।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और भारत की चुप्पी
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए पाकिस्तानी दूत आसिम इफ्तिखार ने इस हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता के सभी आरोपों को नकारा और उलटे भारत पर सिंधु जल संधि को निलंबित कर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। भारत सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अब तक नहीं आई है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की प्रतिक्रिया
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बढ़ते तनाव पर बयान जारी करते हुए कहा कि “सैन्य समाधान, कोई समाधान नहीं है।” उन्होंने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने हमले की निंदा करते हुए कहा — “नागरिकों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है और ज़िम्मेदार लोगों को वैध और विश्वसनीय तरीकों से न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”
वैश्विक असंतोष और आतंकवाद पर बढ़ती सख्ती
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का यह कड़ा रुख वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान की आतंकवाद पर नियंत्रण करने में विफलता को लेकर बढ़ती निराशा को दर्शाता है। विश्व समुदाय अब स्पष्टता से यह देख रहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद को लेकर कितनी जवाबदेही निभाता है और क्या वह तनाव घटाने की दिशा में ईमानदारी से कोई ठोस क़दम उठाता है या नहीं।


